याददाश्त आने के बाद परिजनों के बीच नाथूलाल
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नाथूलाल परिजनों से मिले तो आंखों से आंसू छलक पड़े। वह काफी देर तक अपने चाचा व चचेरे भाइयों के गले से लिपटे रहे। परिजन नाथूलाल को पाकर बेहद खुश थे और वह भी।
मानसिक रूप से कमजोर नाथूलाल 21 साल पहले परिजनों के साथ नरौरा गंगा स्नान करने आए थे, लेकिन वह परिजनों से बिछड़ कर मथुरा की ट्रेन में बैठ गए। अब बुखार का इलाज कराने के दौरान याददाश्त लौट आई।
थाना सिरसागंज के नौरमई के पास फौजी होटल पर नाथूलाल करीब दस वर्षों से काम कर रहे थे। याददाश्त काफी कमजोर थी। होटल संचालक अवधेश यादव की मानें तो उसके घर का पता कई बार पूछा गया, लेकिन वह बता नहीं सका।
दस अगस्त को तेज बुखार आया था। बुखार दिमाग पर चढ़ने के कारण उसका उपचार कराया। इलाज के दौरान नाथूलाल की याददाश्त लौट आई, उसने घर जाने की इच्छा जताई। उसने अपने घर का पता भी बता दिया।