नगर निगम के प्रवर्तन दल ने बिना नोटिस के ही चार दिन पहले जाकर चहारदीवारी तोड़ दी, जबकि मकबरे से सटे अतिक्रमणों की ओर देखा तक नहीं। इस पर एएसआई ने आपत्ति जताई और पुलिस को नगर निगम के खिलाफ तहरीर दी है। इस मामले में कमिश्नर से प्रशासन के साथ एएसआई के संयुक्त सर्वे की मांग की गई है।
मुमताज महल का बहनोई था जफर खां
वाटरवर्क्स चौराहे पर हाईवे से सटा जफर खां का मकबरा बुरी हालत में हैं, लेकिन मुगल काल में जफर खां बेहद ताकतवर था। वह मुगल बादशाह शाहजहां की बेगम मुमताज महल की बहन फरजाना बेगम का पति था। शाहजहां ने मुमताज की मृत्यु के बाद जफर खां को पंजाब का गवर्नर बना दिया। इसके बाद 1649 में पंजाब, 1650 में दिल्ली और मुल्तान और 1651 में बिहार का गवर्नर बनाया गया।
इतिहासकार ईवा कोच की पुस्तक में दर्ज है कि शाहजहां के दरबार में वह वजीर-ए-कुल यानी वित्त मंत्री रहा। 1658 में सामूगढ़ की लड़ाई के बाद औरंगजेब ने अपनी सत्ता में जफर खां को मालवा का गवर्नर बनाया और रैंक बढ़ा दी। 1670 में जफर खां की मृत्यु पर औरंगजेब ने दो राजकुमारियों को फरजाना बेगम के पास सांत्वना व्यक्त करने भेजा था।