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दूसरी बार टला 'मीट एट आगरा', फरवरी में भी नहीं होगा आयोजन, यह है वजह

Wed, 20 Jan 2021 08:54 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • दुनिया के शीर्ष मेलों में शुमार 'मीट एट आगरा' का फरवरी में भी नहीं होगा। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमैक) ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सुचारु न होने के कारण यह फैसला लिया है। आयोजन आगे कब होगा, इसको लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। यह आयोजन दूसरी बार टला है। इससे पहले नवंबर में भी इसे निरस्त किया जा चुका है।
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मीट एट आगरा का लोगो
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विस्तार
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ताजनगरी में जूता निर्यातकों की ओर से 13 वर्षों से लगातार मीट एट आगरा का आयोजन किया जाता रहा है। इसमें विभिन्न प्रदेशों के अलावा इंग्लैंड, अमेरिका, चीन, फ्रांस, जर्मनी, ब्राजील, वियतनाम, कोरिया आदि देशों से कारोबारी यहां भाग लेते हैं। इसमें नई तकनीक, कंपोनेंट, मशीन आदि को प्रदर्शित किया जाता है। 

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पिछले साल इसका 14 वां संस्करण 30 अक्तूबर से 2 नवंबर 2020 तक सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में होना था, लेकिन कोरोना के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। दूसरी बार कार्यक्रम स्थगित होने के बाद संभावना साल के अंत में ही कराने की योजना बन रही है। हालांकि यह निर्णय काफी हद तक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। 

चेन्नई में भी निरस्त हुआ मेला
एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि वर्ष 2020 में निरस्त हुए मीट एट आगरा को फरवरी में आयोजित करने की योजना थी। लेकिन मौजूदा परिस्थितियां फिलहाल अनुकूल नहीं हैं। चेन्नई में भी ऐसा ही मेला स्थगित हो चुका है। अब आगे चलकर फैसला लिया जाएगा। 

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वैक्सीन आने से कुछ उम्मीदें बंधी 
उपाध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि इस समय यूरोप में कई जगह लॉकडाउन लगा हुआ है। आगे के ऑर्डर का परिदृश्य क्या होगा, यह बाद में पता चलेगा। हालांकि कोरोना की वैक्सीन आने से कुछ उम्मीदें बंधी हैं।

साल दर साल बढ़ता गया मीट एट आगरा का कद
दुनिया के शीर्ष मेलों में शुमार मीट एट आगरा का कद साल दर साल बढ़ता गया। बीते पांच वर्षों में प्रति साल 10 फीसदी की वृद्धि करते हुए पांच हजार करोड़ रुपये के ऑर्डर मिलने लगे। देश व दुनिया भर से 20 हजार लोगों की शिरकत ने आयोजन को खास बना दिया। इसमें इंटरनेशनल लेदर, फुटवियर, कंपोनेंट का समावेश होता है।  
 
55 से 225 स्टॉल तक पहुंचा मेला
एफमैक के मुताबिक 2007 में मीट एट आगरा के पहले संस्करण में 55 स्टॉल से शुरुआत की गई, जो 13वें संस्करण तक 255 तक पहुंच गईं। पांच हजार से ज्यादा कारोबारी भाग लेते हैं।
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मेले की खास अहमियत
संस्था के पदाधिकारियों के मुताबिक यह मेला खास अहमियत रखता है। इसमें एफमैक ही आयोजनकर्ता है और खरीदार भी खुद ही होता है। कारोबारियों को सामान प्रदर्शित करने का मौका दिया जाता है। इसके अलावा देश के विशाल घरेलू बाजार में व्यावसायिक अवसर खोजने वाले राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए ईवेंट है। इसका उद्देश्य निर्यात बढ़ाने के साथ एक्जीबिटर की सहभागिता और वैश्विक स्तर पर विचार, तकनीक व गुणवत्ता को साझा करना है। 
 
मीट एट आगरा का पिछले पांच वर्षां का सफर
वर्ष---    विजिटर्स--ऑर्डर
2015-20 हजार-3800 करोड़ रुपये
2016-22 हजार-3925 करोड़
2017-25 हजार-4200 करोड़
2018-27 हजार-4500 करोड़
2019-30 हजार-5000 करोड़

अब तक हो चुके हैं 13 सफल संस्करण
एफमैक के उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने बताया कि मीट एट आगरा के अब तक 13 सफल संस्करण हो चुके हैं। यह आगरा समेत विश्व भर के लिए अहमियत रखता है। साल दर साल इसमें मिलने वाले ऑर्डर और विजिटर्स की संख्या में इजाफा होता है। 
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