चीन से छिटकीं वालमार्ट जैसी कंपनियां
एफमेक संयोजक कैप्टन एएस राणा ने बताया कि दुनिया के बड़े ग्रुप वालमार्ट, फ्यूचर ग्रुप, टाटा, रिलायंस, बाटा आदि ने चीन से आयात बंद कर दिया है। वह भारतीय उत्पादों पर निर्भर हैं और यहीं से खरीदारी कर रहे हैं। इससे जूते के निर्यात और घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी के आसार हैं। अपने उत्पादों की गुणवत्ता, तकनीक बढ़ाकर बाजार में हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं।
एफमेक महासचिव राजीव वासन ने बताया कि 9 अक्तूबर तक चलने वाले फेयर में 8 अक्तूबर को तकनीकी सत्र होंगे, जिसमें दुनियाभर के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इस बार 20 हजार लोग यहां आ सकते हैं। इस दौरान सचिव ललित अरोड़ा, प्रदीप वासन, जितेंद्र त्रिलोकानी, सुधीर गुप्ता, चंद्र शेखर जीपीआई आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
आंकड़ों की नजर से जूता उद्योग
- 220 से ज्यादा निर्यातक
- 12 हजार से ज्यादा घरेलू इकाइयां
- 3.30 लाख कारीगर
- 65 फीसदी घरेलू जूता आगरा में बन रहा
- 28 फीसदी की हिस्सेदारी है निर्यात में