इसके अलावा संगम हॉस्पिटल, मधुवन हॉस्पिटल, सरस्वती हॉस्पिटल, शैलजीत हॉस्पिटल, न्यू साईं बाबा हॉस्पिटल, ओम हॉस्पिटल, शाह हॉस्पिटल, सिटी मेडिकेयर, राधे गोविंद व गुड लाइफ हॉस्पिटलों को अग्निशमन के इंतजाम न होने और अन्य कमियां पाए जाने पर नोटिस दिया गया है। सात दिन का समय कमियों को दूर करने के लिए दिया गया है। इस अवधि तक चिकित्सीय कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि इस अवधि में कमियां दूर न करने पर हॉस्पिटलों को सील कर दिया जाएगा।
ऑपरेशन थिएटर बेसमेंट में
यमुनापार स्थित संगम हॉस्पिटल में बेसमेंट में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) था। तीन मरीज भर्ती थे। दो दिन का समय देते हुए नए मरीज के भर्ती पर रोक लगाई गई। ऊपर जगह है। सरस्वती हॉस्पिटल में बेसमेंट में 25 से ज्यादा अटेंडेंट लेटे हुए मिले। अग्निशमन की व्यवस्था नहीं थी। प्रवेश व बाहर निकलने का एक ही रास्ता था। अस्पताल में आर्थोपेडिक सर्जन बाद में पहुंचे। आईसीयू में कोई डॉक्टर नहीं था।
पंजीकरण का आवेदन निरस्त किया
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले दो अस्पतालों का निरीक्षण किया। चौहान हॉस्पिटल, जगनेर रोड नया बना है। टीम को बेसमेंट में बेड पड़ा मिला, पंजीकरण के लिए किया गया आवेदन निरस्त कर दिया गया। व्यवस्था ठीक करने के बाद आवेदन करने के लिए कहा गया। वहीं, हिंद हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर के रूम में पंजीकरण के लिए सरकारी अस्पताल में संविदा पर कार्यरत डॉक्टर ने आवेदन किया था। नियम विरुद्ध बताकर आवेदन निरस्त कर दिया गया।
20 टीमें तीन दिन करेंगी अस्पतालों का सर्वे
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों के सर्वे के लिए 20 टीमें बनाई गई हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि टीमें तीन दिन तक अस्पतालों का निरीक्षण करेंगी। टीमों की रिपोर्ट के आधार पर तीन दिन में सर्वे कार्य करना है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।