एक अप्रैल से बीमारियों का इलाज भी महंगा होने जा रहा है। 875 तरह की दवाओं की कीमत 10 फीसदी तक बढ़ गई है। एक अप्रैल से नई कीमत पर दवाएं मिलेंगी। इसमें बुखार, दर्द निवारक, एंटीबायोटिक और जीवन रक्षक दवाएं हैं। किडनी, लिवर, कैंसर, रक्तचाप, हेपेटाइटिस, मधुमेह जैसी बीमारियों की दवाएं भी शामिल हैं।
आगरा फार्मा एसोएिशन के प्रवक्ता पुनीत कालरा ने बताया कि ड्रग प्राइसिंग अथॉरिटी ने शेड्यूल दवाओं की कीमत में 10.70 फीसदी कीमत बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इससे पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, एंटी वायरल समेत अन्य दवाओं की कीमत बढ़ जाएगी। कैंसर, मधुमेह, किडनी, लिवर, हेपेटाइटिस, उच्च रक्तचाप समेत अन्य बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली दवाओं के दाम बढ़ जाएंगे।
एक अप्रैल से नई कीमत की दवाएं बाजार में आना शुरू हो जाएंगी। नई कीमत पर मरीजों को ये दवाएं मिलेंगी। जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने बताया कि 875 तरह की दवाओं के दाम बढ़ेंगे। इनकी कीमतों पर ड्रग प्राइसिंग अथॉरिटी सीधे नियंत्रित करती है। दवाएं महंगी होने से मरीजों पर सीधा प्रवाह पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम पहले ही महंगे हो चुके हैं।
आगरा से रोजाना 50 करोड़ रुपये की दवाओं का व्यापार
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि जिले में थोक और फुटकर दवाओं के 5911 मेडिकल स्टोर हैं। यहां से उत्तर भारत में दवाओं की बिक्री की जाती है। औसतन एक दिन में 50-60 करोड़ रुपये का व्यापार होता है।
चीन से कच्चा माल प्रभावित होने से बढ़ रही कीमतें
आगरा फार्मा एसोसिएशन के महामंत्री महेश अग्रवाल ने बताया कि दवा तैयार करने के लिए आवश्यक कच्चा माल अधिकांश चीन से आता है। कोरोना महामारी और अन्य वजहों से आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस पर जर्मनी और सिंगापुर से दवाओं का कच्चा माल लाया जा रहा है। चीन के मुकाबले इसकी कीमत अधिक होने के कारण कीमतों में वृद्धि हुई है।