दंपति ने कहा कि 35 दिनों तक चीन सरकार ने उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराईं, लेकिन इसके बावजूद वो भारत लौटने की सोच अपने जहन में रखे थे। वापस लौटने में राजनेताओं के साथ जलेसर ग्लोबल ग्रुप और आईआरएस रवीन्द्र सिंह रावल का सहयोग कभी नहीं भूल पाऊंगा।
उधर, पाकिस्तान के लौटे दंपती और उनके दो बच्चों का शनिवार को जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उन्हें 14 दिन तक घर में ही निगरानी के लिए रखा गया है। टीम ने दंपती और बच्चों के ब्लड सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
एटा का ही एक युवक और युवती इंडोनेशिया से लौटे हैं। इसकी जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घरों पर पहुंची, पर वो नहीं मिले। युवती गुड़गांव में और युवक गौतमबुद्ध नगर में रहता है। स्वास्थ्य विभाग ने वहां के सीएमओ को पत्र से अवगत करा दिया है।
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