आगरा में दिल्ली पुलिस ने नशे की दवाओं की कालाबाजारी के आरोपी को पकड़ने के लिए ग्राहक बनकर गई। नोट के नंबर लिखे और मेडिकल स्टोर संचालक से दवाएं मांगी। दवाएं देते ही आरोपी को पकड़ लिया। कई दिन से दिल्ली पुलिस इनकी रेकी कर रही थी।
दिल्ली में नशे की दवाएं जब्त होने पर इनकी खरीद आगरा से होने की जानकारी मिली। इस पर दिल्ली पुलिस ने यहां रैकी भी की। थाना कोतवाली में पुलिस ने नोटों के नंबर दर्ज कराए और इनको लेकर बृहस्पतिवार की शाम ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। संचालक से नशे की गोली का डिब्बा मांगा और बिना बिल के ही दवाएं दे दी। इस पर पकड़कर थाने लेकर आई।
10 साल में 500 करोड़ की दवाएं जब्त
आगरा से कई राज्यों में दवाओं की कालाबाजारी हो रही है। नकली, सरकारी दवाओं, री-पैकिंग, एक्सपायर्ड दवाओं का भी कालाबाजारी पकड़ी गई है। दवा माफिया का आगरा से बांग्लादेश और नेपाल तक नेटवर्क है। बीते 10 साल में यहां से करीब 500 करोड़ की दवाएं और मशीनें जब्त हो चुकी हैं।
2023: बिचपुरी-जगदीशपुरा क्षेत्र में नकली दवाओं की फैक्टरी पकड़ी।
2021: गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान बनाने की अवैध फैक्टरी पकड़ी।
2021: आवास विकास कॉलोनी में सुधीर राजौरा, प्रदीप राजौरा और मथुरा के सौरभ को एक्सपायर्ड दवाओं की रीपैक की फैक्टरी पकड़ी।
2020: कमला नगर निवासी विक्की अरोड़ा, कपिल अरोडा के दो गोदाम पकड़े। यहां नशे की दवाएं जब्त कीं।
2020: कमला नगर में पंकज गुप्ता का अंतरराज्यीय गैंग पकड़ा। ये नकली और सरकारी दवाओं की कालाबाजारी करता था।
2019: फतेहाबाद के निबोहरा में नकली एंटीबायोटिक इंजेक्शन और दवाएं पकड़ी।
2018: पंजाब एसटीएफ ने 17 लाख के कफ सिरप पकड़े।
2018: फ्रीगंज में दो गोदाम से एंटीबायोटिक समेत कई तरह की दवाएं जब्त कीं।