राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ डेढ़ लाख नए स्वयंसेवकों के लिए गणवेश तैयार करा रहा है। दीनदयाल धाम में भी रात दिन मशीनें चल रही हैं। लेकिन यहां इतना बड़ा आर्डर पूरा होना संभव नहीं है, इसलिए दूसरे स्थानों पर भी यूनिफार्म तैयार कराए जा रहे हैं।
जनवरी माह से प्रदेश भर में आरएसएस के स्वयंसेवक समागम चल रहे हैं। ब्रज प्रांत में ही आगरा, मथुरा, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, हाथरस, कासगंज, अलीगढ़, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर समेत 12 जिलों में कहीं समागम हो गए हैं तो कही होने वाले हैं।
मथुरा जनपद का समागम 18 फरवरी को छटीकरा में होने जा रहा है। हर समागम में बड़ी संख्या में नए स्वयंसेवक संघ से जुड़ रहे हैं। अब 25 फरवरी को मेरठ में संघ का राष्ट्रोदय कार्यक्रम होने जा रहा है।
इसमें भी माना जा रहा है कि एक से डेढ़ लाख नए सदस्य जुड़ जाएंगे। लिहाजा मेरठ में होने वाले कार्यक्रम से पहले गणवेश तैयार कराया जा रहा है। संघ के कार्यालयों पर भी गणवेश कम पड़ गया है।
अधिकतर गणवेश दीनदयाल धाम से ही संघ के कार्यालयों को सप्लाई किया जाता है। इस समय दीनदयाल धाम में टोपी और पेंट तैयार की जा रही है।
दीनदयाल धाम स्मारक समिति के मंत्री नवीन मित्तल का कहना है कि तीन माह के भीतर करीब 10 हजार पैंट और 30 हजार टोपियां संघ कार्यालयों को बनाकर भेजी जा चुकी हैं।
ब्रज प्रांत के साथ ही मेरठ प्रांत, अवध, काशी और गोरखपुर से सबसे ज्यादा मांग है। मेरठ में होने वाले आयोजन को लेकर मांग अचानक बढ़ गई है। यूपी के साथ ही उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान और मध्यप्रदेश तक मथुरा में यूनिफार्म तैयार कर भेजा रहा है।
ब्रज प्रांत में सर्वाधिक 25000 स्वयंसेवक बने
ब्रज प्रांत में सर्वाधिक नए स्वयंसेवक जुड़ रहे हैं। जो समागम ब्रज प्रांत के अंतर्गत आने वाले जनपदों में हुए हैं वहां करीब 25 हजार नए स्वयंसेवक आरएसएस से जुड़े हैं।
यह संख्या लगातार बढ़ रही है। संघ का मानना है कि मेरठ में होने वाले राष्ट्रोदय कार्यक्रम से ही करीब डेढ़ लाख नए स्वयंसेवक जुड़ रहे हैं। लगातार इनकी संख्या में इजाफा होता जा रहा है।