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श्रीकृष्ण जन्मभूमि: ठाकुर केशवदेव पक्ष ने शाही ईदगाह मस्जिद के पक्षकारों को दिया समझौते का प्रस्ताव

Wed, 23 Jun 2021 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

ठाकुर केशवदेव के पक्ष ने आह्वान किया है कि गंगा-जमुनी संस्कृति को कायम रखने के लिए ईदगाह मस्जिद के पदाधिकारियों को प्रस्ताव मान लेना चाहिए। इससे प्रकरण शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ सके। 
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर और पास में स्थित शाही ईदगाह मस्जिद, मथुरा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में ठाकुर केशवदेव के पक्ष ने अदालत के माध्यम से शाही ईदगाह मस्जिद के पक्षकारों को केस को सहमति से निपटाने के लिए ब्रज चौरासी कोस के बाहर डेढ़ गुना जमीन दिए जाने का प्रस्ताव दिया है। इसमें वादी पक्ष द्वारा श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के इतिहास का जिक्र भी किया गया है।

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने ठाकुर केशवदेव को वादी बनाकर अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित कटरा केशवदेव की 13.37 एकड़ जमीन पर दावा किया है। इस मामले में शाही ईदगाह मस्जिद व उससे संबंधित सचिव आदि को पार्टी बनाया गया था। इस मामले में सुनवाई चल रही है। 

पांच जुलाई को होनी है सुनवाई
सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में पांच जुलाई को मामले की सुनवाई होनी है। सुनवाई से पूर्व वादी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट, राजेंद्र माहेश्वरी ने मंगलवार को अदालत में प्रतिवादीगण इंतजामिया कमेटी व अन्य को प्रस्ताव दिया कि प्रतिवादी पक्ष व्यर्थ का दावा छोड़कर ब्रज क्षेत्र के चौरासी कोस के बाहर मस्जिद के लिए डेढ़ गुना जमीन ले लें। इससे मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ जाएगा।  
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इस संबंध में वादी अधिवक्ताओं ने बताया कि उन्होंने प्रस्ताव में यह भी बताया है कि किस प्रकार से ठाकुर केशवदेव के भव्य मंदिर के तुड़वाकर मुगल शासक औरंगजेब ने न केवल उसके स्थान पर पत्थरों का प्रयोग कर मस्जिद बनवाई बल्कि मूर्ति को भी आगरा स्थित मस्जिद की सीढ़ियों में दबाकर रखा गया है। इस संबंध में समय-समय पर इतिहासकारों ने वर्णन भी किया है।


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