तीन दोस्त मिलकर जिले में एक के बाद एक वाहन चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। तीनों पहले बाइक चुराते, फिर उसे कल्पतरु के खंडहर में छिपा देते। पुलिस की चेकिंग हल्की पड़ते ही गिरोह के सदस्य बाइकों के पुर्जों को एक एक कर अलग कर देते थे। पुर्जों को ऑन डिमांड बेच देते थे। पुलिस की पकड़ में आए फरह निवासी उमेश, दिनेश और छाता निवासी सचिन बेहद शातिराना अंदाज में वाहन चोरी कर रहे थे।
तीनों अलग-अलग जगहों पर घूमते थे। जैसे ही बाइक चोरी करते उसे लाकर खंडहर में छिपा देते। प्रभारी निरीक्षक फरह कमलेश सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात पुलिस टीम नेशनल हाईवे सर्विस रोड पर चेकिंग के दौरान गिरोह के सदस्यों को पकड़ा गया। तीनों ने वाहन चोरी की दर्जनों वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एक ही कंपनी की बाइक रहती थीं चोरों के निशाने पर
गिरोह के कब्जे से बरामद हुई अधिकांश बाइक एक ही कंपनी की हैं। आरोपियों ने बताया कि इस कंपनी की बाइक के पार्ट्स और इंजन आसानी से बिक जाता है। बदले में उन्हें अच्छी खासी रकम मिल जाती थी। इसलिए वह ज्यादातर एक ही कंपनी की बाइक चुराते थे।