मथुरा में बेमौसम बरसात, आंधी और फिर ओलावृष्टि से किसान कराह उठा है। खेतों में तैयार खड़ी सरसों, गेहूं की फसल चौपट हो गई। वहीं आलू की खोदाई की तैयारी कर रहे किसान खेतों में पानी भरने के कारण बेबस हैं।
कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अफसर फसलों में नुकसान के आंकलन में जुट गए हैं। रविवार को सुबह मौसम साफ था। दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छाए और तेज आंधी चलने लगी।
देखते-देखते बरसात शुरू हो गई। इस बरसात ने किसानों के हलक सुखा दिए। बरसात के साथ ओलों को देख किसानों का हलक सूख गया। आंधी में किसानों के टीन टप्पर, होर्डिंग्स, पेड़ गिर गए।
नौहझील के गांव रायपुर, खुशला गढ़ी, अनरदा गढ़ी, तिलकागढ़ी, खाजपुर, शेरगढ़, खुर्शी, रान्हेरा, लाड़पुर, बिलंदपुर, सुरीर, मांट, मिरताना, सरकोरिया, हरनौल, छाता, इरौली गुर्जर आदि गांवों में ओलावृष्टि ने किसानों की तैयार खड़ी सरसों, गेहूं और आलू की फसल को चौपट कर दिया।