गिरोह में एएनएम भी शामिल
बच्चों की देखभाल और गर्भवती महिलाओं को खानपान बताने वाली एएनएम इस गिरोह की पहली सीढ़ी थीं। एएनएम पूनम और मिथलेश के माध्यम से बच्चा खरीदने की डिमांड पर जब बच्चा नहीं मिल पाता तो चिकित्सक दंपती उसके लिए दीप कुमार जैसे गिरोह के सदस्यों का सहयोग लेते थे। दोनों एएनएम ऐसी गर्भवती महिलाओं पर नजर रखती थीं जो कि अनचाहे बच्चे को जन्म देती हैं।