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मथुरा: किसानों के डूबे अरमान, जलमग्न हुआ धान

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कोसीकलां क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद जलमग्न धान की फसल दिखाते किसान। - फोटो : KOSI
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कोसीकलां (मथुरा)। भारी बारिश से धान की फसल पर व्यापक असर पड़ा है। सैकड़ों एकड़ धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। इससे किसान चिंतित हैं। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने तहसीलदार, सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।
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गांव बरका, बुखरारी, सुजावली के नंदराम, महीपाल, गोपाल, रामप्रसाद, प्रेमपाल की 29 एकड़, देवकरण, श्याम, रामस्वरूप की 15 एकड़, पूरन, शेरपाल, जयपाल की 20 एकड़, खुन्ना, सुंदर, डोरीलाल, नौरंग की 20 एकड़, मोहनश्याम की 15 एकड़, सुरेश की 10 एकड़ आदि किसानों की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई।
किसानों का कहना था कि महंगा एवं उन्नत किस्म का बीज खरीद कर धान की रोपाई की थी, लगातार बारिश से फसल पूरी डूब गई। यदि पानी तीन-चार दिन के अंदर खेतों से नहीं निकलता है तो धान की फसल पूरी तरीके से बर्बाद हो जाएगी। वहीं ग्रामीणों एवं पशुपालकों को दैनिक कार्य करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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नुकसान का किया जाएगा सर्वे
कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, जिला पंचायत सदस्य आरपी सिंह, तहसीलदार विवेकशील यादव, सिंचाई विभाग एसडीओ राकेश, जेई नवनीत सिंह आदि ने पानी में डूबी फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदाओं के कारण आने वाली हर मुसीबत में भाजपा सरकार तत्परता से किसानों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि नष्ट फसल का सर्वे कराकर किसानों को जल्द से जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
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