गुरुवार को जिला जज यशकांत मिश्रा की अदालत में प्रतिपक्ष के रूप में शाही ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद एडवोकेट ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि प्रकीर्ण वाद होने के कारण अपील मेंटेनेबिल (अनुरक्षणीय) नहीं है। इस प्रार्थनापत्र पर अदालत ने शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव और उनके साथ मौजूद अधिवक्ताओं को सुना।
अदालत में मौजूद वादी के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने इसका पुरजोर विरोध किया। वादी रंजना अग्निहोत्री के साथ उनके पक्ष से पंकज शर्मा, करुणेष कुमार, राजेश मणि शुक्ला मौजूद रहे। वहीं शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव तनवीर अहमद के साथ नीरज शर्मा एडवोकेट, सौरभ श्रीवास्तव, अबरार अहमद इकरार हुसैन औरप्रतिपक्ष सुन्नी सेंटल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता शैलेश दुबे मौजूद रहे।
डीजीसी (सरकारी वकील) शिवराम तरकर ने बताया कि अदालत ने मुस्लिम पक्ष के द्वारा श्री कृष्ण विराजमान द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए अदालत ने 11 जनवरी की तिथि तय की है। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि अदालत ने मुस्लिम पक्ष के द्वारा श्री कृष्ण विराजमान द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए अदालत ने 11 जनवरी की तिथि तय की है।