मथुरा जिले में रविवार को कोरोना संक्रमण से पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि 330 नए पॉजिटिव मिले हैं। जिले में जहां कोरोना से मरने वालों की संख्या 202 हो गई है तो वहीं संक्रमितों का आंकड़ा भी बढ़कर 17117 पर पहुंच गया है। एक्टिव केस 2968 हैं।
मथुरा के धौली प्याऊ निवासी 32 वर्षीय महिला की वृंदावन के रामकृष्ण मिशन में मौत हो गई, जबकि सौंख की वृद्ध महिला, राधिका विहार की 75 वर्षीय महिला, ठेकनारनोल निवासी व्यक्ति की केएस मेडिकल कॉलेज और वृंदावन निवासी एक व्यक्ति की रामकृष्ण मिशन अस्पताल में मृत्यु हो गई।
इधर, कोरोना संक्रमण के छाता क्षेत्र से 26 मामले सामने आए हैं, नयति अस्पताल से 17 मामले और मिलिट्री हॉस्पिटल से 19 से अधिक मामले, मथुरा ब्लॉक के उसफार से 15 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा शहर के गोविंद नगर, महाविद्या कॉलोनी, चैबिया पाड़ा, वृंदावन के वात्सल्य ग्राम और केशव कुंज से लगभग 18 मामले और नौहझील के विभिन्न गांवों से 22 मामले सामने आए हैं, जबकि राया में एक दर्जन से अधिक और जनपद के बाहर से कई मामले सामने आए हैं।
28 बंदी मिले संक्रमित
जनपद कारागार में 28 से अधिक बंदी कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कारागार में कई बंदियों के सैंपल लिए हैं।
समय पर ऑक्सीजन मिलती तो महिला की बच जाती जान
हृदयरोग की मरीज एक महिला की रविवार को ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हो गई। जयगुरुदेव के पीछे बनी गणेश बाग कॉलोनी में रहने वाले महिला काफी समय से हार्ट की मरीज थी और उनका उपचार चल रहा था।
रविवार दोपहर यकायक घर पर सांस लेने में तकलीफ के बाद परिवारीजन आसपास के प्राइवेट हॉस्पिटलों में उन्हें लेकर पह़ंचे, लेकिन किसी ने उपचार नहीं दिया। अंतत: महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना था कि समय रहते ऑक्सीजन लेवल में सुधार करके महिला को बचाया जा सकता था।
चुनाव ड्यूटी में लगे दो अधिकारियों की मौत, 12 से ज्यादा पॉजिटिव
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर लगे एक के बाद एक अधिकारी कोरोना ग्रस्त होते जा रहे हैं। इनमें से दो की मौत भी हो चुकी है। एक अधिकारी मांट में एआरओ थे तो दूसरे अधिकारी स्टेशनरी वितरण की जिम्मेदारी दी गई थी। जबकि 12 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कोरोना से जूझ रहे हैं।
मांट ब्लॉक में एआरओ बनाए गए जिला लेखा परीक्षा पंचायत और सहकारी समिति की ड्यूटी के दौरान हालत बिगड़ी औ फिर अस्पताल में भर्ती हो गए। जहां पर उनकी मौत हो गई। जबकि कृषि उप निदेशक को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पहले स्टेशनरी वितरण की जिम्मेदारी दी गई इसके बाद उन्हें जोनल मजिस्ट्रेट भी बनाया गया।
इसी दौरान उनकी तबियत बिगड़ी और इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई। दोनों अधिकारियों की मौत से प्रशासनिक अधिकारी स्तब्ध हैं। इतना ही नहीं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले कई अधिकारी कोरोना पॉजिटिव होने के बाद बीच में छोड़कर आ गए और अभी वह कोरोना वायरसा से संघर्ष कर रहे हैं।