राज्य स्मार्ट सिटी योजना में नगर निगम प्रशासन मथुरा-वृंदावन के दो प्रमुख मार्गों को स्मार्ट मार्ग बनाने जा रहा है। इसमें वृंदावन में छटीकरा से विद्यापीठ चौराहा तक की सड़क तथा मथुरा में होलीगेट से द्वारिकाधीश होते हुए मसानी तक की सड़क को शामिल किया गया है। इस पर 52.40 करोड़ की लागत आ रही है, जिसे मंडलायुक्त ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
मथुरा-वृंदावन राज्य सरकार की स्मार्ट सिटी योजना का हिस्सा बन चुके हैं। इसके लिए हाल ही में मुख्यमंत्री योगी सरकार ने बजट भी आवंटित कर दिया है। इसका उपयोग करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने भी भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि मथुरा-वृंदावन को स्मार्ट बनाने की पहल शुरू कर दी है।
इसके तहत मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने फिलहाल दो प्रमुख मार्गों को इस योजना का हिस्सा बनाया है। इसमें 39.73 करोड़ वृंदावन की सड़क पर खर्च होंगे तो 12.67 करोड़ की लागत से मथुरा की सड़क को स्मार्ट बनाया जाएगा। मथुरा-वृंदावन नगर निगम द्वारा राज्य स्मार्ट योजना के तहत प्रस्तावित किए गए स्मार्ट सड़क के प्रस्ताव को कमिश्नर की अध्यक्षता वाली मंडलीय कमेटी ने भी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
छटीकरा-वृंदावन मार्ग होगा स्मार्ट
नगर निगम इस योजना में छटीकरा से वृंदावन में प्रेम मंदिर तक तथा यहां से विद्यापीठ चौराहा तक की सड़क को स्मार्ट बनाएगा। इस पर 30.47 करोड़ खर्च होंगे। यह मार्ग दिल्ली, हरियाणा से वृंदावन को जोड़ता है। इसी के माध्यम से पर्यटक, श्रद्धालुओं की वृंदावन में एंट्री होती है। इसी मार्ग को प्रेम मंदिर से विद्यापीठ चौराहा तक भी स्मार्ट बनाया जाएगा। इस पर 9.26 करोड़ की लागत आएगी।
होलीगेट से मसानी तक स्मार्ट मार्ग
मथुरा का हृदयस्थल कहे जाने वाले होलीगेट और यहां से मंदिर श्रीद्वारिकाधीश होते हुए असकुंडा तिराहा, चौक बाजार, जामा मस्जिद होते हुए डीगगेट तक की सड़क को भी स्मार्ट रूप दिया जाएगा। इसके लिए 12.70 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
स्मार्ट रोड पर ये होगा खास
मथुरा-वृंदावन में बनने वाले स्मार्ट रोड पर यूटीलिटी डक्ट, स्टार्म वाटर ड्रेन, फुटपाथ, फर्नीचर लैंड स्केपिंग, दीवारों पर पेंटिंग, स्मार्ट पोल, वाटर एटीएम, रि-सरफैसिंग ऑन रोड, प्लास्टिक बोतल करसर, एलईडी स्क्रीन आदि सुविधाएं होंगी।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सतेंद्र तिवारी ने बताया कि राज्य स्मार्ट योजना में नगर निगम के दो मार्गों को स्मार्ट बनाने का फैसला किया गया है। इसमें वृंदावन का छटीकरा से विद्यापीठ तक का मार्ग भी शामिल है। जिसे दो टुकड़ों में रखा गया है।