कोसीकलां/मथुरा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के गृह जनपद में पिछले तीन दिन से चल रही 110 बिजलीघरों के करीब 1200 संविदा कर्मचारियों की हड़ताल की सुध किसी भी अधिकारी ने नहीं ली। कर्मचारी लगातार कैंट स्थित बिजलीघर पर धरना दे रहे हैं। कर्मियों के हड़ताल पर जाने से जनपद की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई है। संविदा कर्मियों की हड़ताल से विभागीय कर्मियों को व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।
यूपीपीसीएल निविदा/संविदा कर्मचारी संघ ने वेतन, ईपीएफ की मांगों को पूरा करने के लिए कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से मथुरा जनपद के बिजलीघरों पर संविदा कर्मचारी शुक्रवार से कामबंद हड़ताल पर हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि जब ऊर्जा मंत्री के गृह जनपद में भी ठेके के कर्मचारियों को वेतन कम मिल रहा है। आठ घ्ंाटे 26 दिन के स्थान पर 12 घंटे 30 दिन काम कराया जा रहा है। ठेकेदार प्रतिमाह पीएफ जमा नहीं कर रहा है, पूर्व में पीएफ घोटाला हो चुका है। दुर्घटना की हालत में कोई मुआवजा कर्मचारियों के परिजनों को नहीं दिया जा रहा है। अन्य सुविधाओं की बात करना बेमानी होगी। साढ़े चार वर्ष से लगातार ऊर्जा मंत्री से कर्मचारी समस्याओं के निदान की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुध नहीं ली।
जिलाध्यक्ष पंकज शर्मा, बाबूखान, गणेश तोमर, गुड्डू, जितेंद्र, बबलू, रामकुमार, ओमप्रकाश, दिनेश दिनकर, अशोक शर्मा, मुकेश, जग्गो दादा, ऋषि भारद्वाज, शिव सिंह, तारा, सुरेंद्र, अकरम आदि थे।
इधर, पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, रालोद नेता कुंवर नरेंद्र सिंह, डॉ. अशोक अग्रवाल आदि ने कर्मचारियों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। संघ के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष गणेश तोमर ने बताया कि कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायण, सांसद प्रतिनिधि हेमा मालिनी, प्रतिनिधि जर्नादन शर्मा, विधायक कारिंदा सिंह, पूरन प्रकाश को भी ज्ञापन दिया गया है।
अवर अभियंता संभाल रहे बिजलीघर
संविदाकर्मियों के बिजलीघर छोड़ते ही विभागीय अफसरों में हड़कंप मचा है। बिजलीघरों पर खुद अवर अभियंताओं और टीजीटू प्रभारियों को उतरना पड़ा। बिजली व्यवस्था संभालने के लिए जेई और विभागीय कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। लोकल फॉल्ट ठीक करने में भी कर्मियों को कई-कई घंटे लग रहे हैं।