दो स्कूलों में पकड़ी गई नकल के साथ मथुरा के प्रशासनिक अधिकारी
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डा.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विधि (एलएलबी) परीक्षा के दौरान मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने कालेजों में छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थान बीएसए कालेज और केआर डिग्री कालेज में सामूहिक नकल मिली है।
डीएम ने विश्वविद्यालय के कुलपति से परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश कर दी है। दोनों कालेजों में एलएलबी तृतीय वर्ष और एलएलबी प्रथम वर्ष की परीक्षाएं चल रही थीं।
मंगलवार को डीएम ने डिप्टी कलक्टर राजीव उपाध्याय को कालेजों में छापेमार कार्रवाई के निर्देश दिए। सुबह 7 से 10 बजे की प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान डिप्टी कलक्टर सबसे पहले बीएसए कालेज पहुंचे।
यहां परीक्षा कक्षों के बाहर और शौचालय के आसपास बड़ी मात्रा में नकल सामग्री मिली है। परीक्षा कक्षों में परीक्षक बोल-बोल कर संबंधित धाराएं बता रहे थे। परीक्षक अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद किए जाने वाले अनुच्छेद को प्रश्नपत्र लेकर बोल रहे थे। यहां बड़ी मात्रा में मिली नकल सामग्री को एकत्रित करते हुए सील किया गया है।
इसके बाद केआर कालेज पहुंचे डिप्टी कलक्टर को परीक्षा कक्षों के बाहर बड़ी मात्रा में नकल सामग्री खिड़कियों के बाहर मिली है। डिप्टी कलक्टर की उक्त रिपोर्ट पर डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने विश्वविद्यालय के कुलपति को दोनों केंद्रों पर यह परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति की है।
इस परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय स्तर से बाह्य पर्यवेक्षक तैनात करने की भी मांग की है। डीएम ने बताया कि दोनों केंद्रों से मिली नकल सामग्री भी रिपोर्ट के साथ विश्वविद्यालय को भेज दी गई है।
डा.सुमन अग्रवाल, प्राचार्य, बीएसए डिग्री कालेज, मथुरा का कहना है कि विधि की परीक्षा के दौरान कालेज में कोई नकल नहीं हो रही थी। यह आरोप पूरी तरह से गलत है।
डिप्टी कलक्टर के साथ आए पुलिस कर्मियों ने इधर-उधर पड़ी सामग्री को उठाकर नकल दर्शा दिया है। परीक्षा कक्षों में कोई नकल सामग्री नहीं पकड़ी गई है।