आगरा में दुष्कर्म की शिकार दिव्यांग छह महीने तक थाने के चक्कर लगाती रही। पुलिस कमिश्नर से शिकायत के बाद भी उसका मुकदमा नहीं लिखा। आरोपी कथावाचक मारुति बाबा ट्रांस यमुना व खंदौली क्षेत्र में ही घूमता रहा। अदालत के आदेश पर केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने बुधवार को मारुति बाबा काे गिरफ्तार कर जेल भेजा।
पुलिस के अनुसार मारुति बाबा (68) के पास वृंदावन स्थित प्राचीन भारत वैदिक समिति का आश्रम के पते का आधार कार्ड मिला है। बाबा को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार खंदौली और ट्रांस यमुना क्षेत्र के 25 से अधिक गांव में उसके शिष्य थे। ग्रामीणों ने उससे गुरुदीक्षा ले रखी थी। शिष्यों के घर वह आठ-आठ दिन रुकता था।
दी शिकायत के अनुसार दुष्कर्म की शिकार दिव्यांग (26) के मकान में किराए पर रहने वाली महिला और उसका पति भी मारुति बाबा का शिष्य था। इसलिए उसका पीड़िता के घर भी आना जाना था। 28 नवंबर 2023 को जब मारुति बाबा आया तो उस दिन शिष्या का पति शराब पीकर आया था। शिष्या ने मारुति बाबा को दिव्यांग पीड़िता के कमरे में सुला दिया। दिव्यांग अकेली थी। जहां रात 2 बजे आरोपी ने दुष्कर्म किया।
बाबा ने दिव्यांग का वीडियो भी बना लिया। जिसकी आड़ में लगातार यौन शोषण करता रहा। पीड़िता ने जब शिष्या को बाबा की करतूत बताई तो उसने दिव्यांग को बदनामी का डर दिखाया। दिव्यांग ने ट्रांस यमुना पुलिस में शिकायत की। कई चक्कर लगाए। मुकदमा नहीं लिखा गया।
18 अप्रैल 2024 को पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड से शिकायत की। फिर भी थाना पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। 25 अप्रैल को पीड़िता के प्रार्थनापत्र पर अदालत ने पुलिस को केस दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए। ट्रांस यमुना के प्रभारी निरीक्षक सुमनेश विकल ने बताया कि बुधवार को ट्रांस यमुना क्षेत्र से बाबा को गिरफ्तार किया था। जेल भेजा है। उसकी शिष्या फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
नोच लिए थे दाढ़ी के बाल
कथावाचक मारुति बाबा ने जब दिव्यांग से दुष्कर्म किया तब पीड़िता ने उसकी दाढ़ी के बाल नोच लिए थे। जिन्हें उसने अदालत में साक्ष्य के रूप में पेश किया। पुलिस ने दाढ़ी के बालों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि से आरोपी के खिलाफ यह अहम साक्ष्य बन सकते हैं।