शुक्रवार को राजस्थान के धौलपुर के राजाखेड़ के गांव जैतपुर के शहीद जवान भागीरथ की अस्थि विसर्जित की गईं। इन शहीद हुए वीर जवानों की पूरी गाथा सोरों के पुरोहितों की बहियों में अंकित की जा रहीं हैं।
जब भी शहीदों के परिवार के लोग तीर्थनगरी में गंगा स्नान में आएंगे तो पुरोहितों की बहियां उनके लाल की शहादत का स्मरण दोहराएंगी। पुरोहित ने बहियों में शहादत का पूरा ब्यौरा बड़ी भावुकता के साथ दर्ज किया है।
शहीद भागीरथ का ब्यौरा दर्ज करने वाले पुरोहित नीरज तिवारी ने बताया कि शहादत और अस्थि विसर्जन का ब्यौरा बही में दर्ज किया गया है। इन शहीदों से और उनके परिजनों से तीर्थ नगरी का अमिट रिश्ता है।
तीर्थनगरी सोरों के पुरोहितों की बहियों में सैकड़ों वर्ष पुराना ब्यौरा दर्ज है। तमाम राजा, महाराजाओं ने कब-कब सोरों में यात्रा की। कब गंगास्नान किया, कब पूजा अनुष्ठान आदि ब्यौरा बहियों में दर्ज है।
राजस्थान और मध्यप्रदेश के तमाम राजाओं की अस्थियां यहां विसर्जित हुईं हैं। इसके अलावा तमाम नामचीन हस्तियों की यात्रा आदि का ब्यौरा पुरोहितों की बहियों में दर्ज है। जो तीर्थनगरी का एक बड़ा इतिहास है।