लगभग 70 दिनों बाद एक फिर कारोबार का पहिया घूमने की शुरुआत हो जाएगी। बुधवार को शहर की लगभग 75 हजार दुकानें खुलेंगी। अलग-अलग शिफ्ट में बाजार सात घंटे के लिए खुलेंगे। शहर में करीब डेढ़ लाख प्रतिष्ठान हैं जो सम-विषम नियम के चलते एक दिन में आधे खुलेंगे।
सुभाष बाजार, हींग की मंडी, बिजलीघर, लुहारगली, शाहगंज, लोहामंडी, राजामंडी, राजेंद्र मार्केट, किनारी बाजार, एमजी रोड समेत शहर के सभी बाजार में दुकानें खुल जाएंगी।
शहर में 64 हजार पंजीकृत डीलर
शहर में करीब 64 हजार डीलर पंजीकृत हैं। इनके अलावा औसतन 90 हजार अपंजीकृत फर्म भी हैं। पंजीकृत इकाइयों में अधिकांश 20 लाख टर्नओवर से अधिक हैं।
- राकेश श्रीवास्तव, एडिशनल कमिश्नर, ग्रेड 1 राज्य जीएसटी विभाग
मास्क पहनेंगे मालिक और कर्मचारी
आगरा के फुटवियर मार्केट खुलने पर व्यापारियों में खुशी की लहर है। आगरा का फुटवियर कारोबार 23 बाजारों से संचालित होता है। प्रशासन ने थानावार बैठक कर आधे बाजार कल से (एक लाइन की दुकानें) व आधे परसों (गुरुवार) से खोलने का निर्णय लिया है।
हमारे व्यापारी अपनी दुकान और मार्केट को सैनिटाइज करेंगे। सभी कर्मचारी व मालिक मास्क पहनेंगे। जिन ग्राहकों के पास मास्क नहीं होगा उन्हें देंगे, सामाजिक दूरी बनाएंगे और कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन करेंगे। - गागन दास रामानी, अध्यक्ष आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन
आज खुलेगी दायीं लाइन
70 दिन के बाद बुधवार से सर्राफा बाजार सुचारू रूप से खोला जाएगा। बुधवार को दायीं, गुरुवार को बायीं साइड खोली जाएगी। इसी तरह से पूरा सराफा बाजार खोला जाएगा। मसलन, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को राइट, मंगलवार, गुरुवार, शनिवार को लेफ्ट की दुकानें खुलेंगी। - सुनील वर्मा, अध्यक्ष, सराफा स्वर्णकार व्यवसाय कमेटी नमक मंडी
लुहार गली : सैनिटाइज होंगे ग्राहक
लुहार गली में प्रत्येक साइड की हिसाब से मार्किंग कर दी है। जिससे कि किसी भी दुकानदार को दुकान खोलने में दिक्कत नहीं आए। हम शासन के निर्देश पूरी तरह से पालन करेंगे। दुकानों को पूरी तरह से सैनिटाइजेशन करा दिया है। साथ ही प्रत्येक दुकान पर आने वाले ग्राहक को सैनिटाइज किया जाएगा। - राकेश बंसल, उपाध्यक्ष लुहार गली व्यापार समिति
किराना : गल्ला मंडी से चलेगा कारोबार
किराने का अधिकांश काम रावतपाड़ा की तिवारी गली से होता है। ये काफी संकरी गली है। यहां लगभग 100 दुकानें हैं। जिसमें प्रशासन के नियमों के हिसाब से काम करना बेहद मुश्किल है। इसलिए फिलहाल काम गल्ला मंडी से ही संचालित होगा। - अतुल बंसल, किराना कारोबारी