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ढाई साल पहले लापता हुआ भाजपा नेता का बेटा नाटकीय ढंग से मिला, कार पर लगी थी 'पर्ची'

Wed, 03 Jun 2020 12:04 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

गाड़ी पर किसी ने पर्ची लगाई थी, पर्ची को खोलकर देखा तो
उसमें बटेश्वर का पता लिखा था।
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घर पहुंचा लापता बालक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड स्थित शील विहार निवासी व्यापारी एवं भाजपा नेता रामपाल सिंह यादव का लगभग ढाई साल पहले लापता हुआ 17 वर्षीय बेटा अभिषेक नाटकीय ढंग से बटेश्वर के पास सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिल गया। रामपाल की गाड़ी में एक पर्ची लगी मिली थी। इसे पढ़कर वे बटेश्वर पहुंचे थे।
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अभिषेक आठ दिसंबर, 2017 को घर से निकला था। इसके बाद लापता हो गया था। बेटे के लापता होने के संबंध में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया। इसे बाद में अपहरण की धारा में तरमीम कर लिया गया।

इसके बाद आगरा से लेकर लखनऊ और दिल्ली में नेताओं और अधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन बेटा नहीं मिला। न पुलिस कोई सुराग लगा पाई और न ही रिश्तेदारी सहित तमाम जगह तलाश करने पर कुछ पता चल पाया।
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पर्ची में जो पता लिखा, वहीं मिला बेटा
31 मई को रामपाल यादव किसी काम से शाहदरा में गए थे। जहां उनकी गाड़ी पर किसी ने पर्ची लगाई थी। पर्ची को खोलकर देखा तो उसमें बटेश्वर का पता लिखा था। बेटा मिलने की बात और इनाम देने की बात भी लिखी थी। पर्ची पर लिखे पते पर रिश्तेदार के साथ पहुंचे। वहां जाकर उनका बेटा सड़क किनारे अर्द्ध बेहोशी की हालत में मिला।

पुलिस करेगी पूछताछ, इतने दिन कहां रहा
बेटे को देख रामपाल वहीं गिर पड़े। जैसे-तैसे अपने आप को संभाला। वह बेटे को घर लेकर आए। पुलिस के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उसे कौन ले गया था? इतने दिन कहां रहा? इस बारे में जानकारी की जाएगी। रामपाल ने बताया कि अभी बेटा कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं है।

हर मंदिर में माथा टेका, बस बेटा ही मांगा
रामपाल और उनकी पत्नी अंजना यादव बेटे के लापता होने के बाद उसकी तलाश में दर-दर भटक रहे थे। परिवार की खुशियां ही चली गईं थीं। जब बेटा घर आया तो खुशियां वापस आ गईं। बेटे की तलाश के लिए पति-पत्नी मंदिरों तक में गए।
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