ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जिस दिन पूरे दिन पूर्णिमा होती है वह व्रत की पूर्णिमा कहलाती है। इस दिन व्रत रखने से कई गुना पुण्य लाभ प्राप्त होता है और जिस दिन आंशिक पूर्णिमा होती है, उस दिन गंगास्नान का विधान रहता है। इस बार 18 दिसंबर को व्रत की पूर्णिमा है और 19 दिसंबर को गंगास्नान की।
यह है तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदी पंचांग के अनुसार 18 दिसंबर को सुबह 7:24 मिनट पर सूर्योदय के साथ ही शनिवार को पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी और 19 दिसंबर रविवार को सुबह 10 बजे तक पूर्णिमा रहेगी।
18 दिसंबर को बन रहा विशेष संयोग
सोरोंजी के ज्योतिषाचार्य राहुल वशिष्ठ ने बताया कि शनि और पूर्णिमा का विशेष संयोग 18 दिसंबर को बन रहा है। इस दिन सामान्य रूप से व्रत रहें और पूजा-अर्चना करें। 19 दिसंबर को गंगास्नान कर दान पुण्य करें। उन्होंने बताया कि पूरे दिन पूर्णिमा तिथि होने पर व्रत की पूर्णिमा रहती है और जिस दिन आंशिक समय में पूर्णिमा होती है वह दान पुण्य और स्नान के लिए शुभ मानी जाती है।
तीर्थनगरी में पूर्णिमा को लेकर तैयारियां
तीर्थनगरी में इन दिनों मेला मार्गशीर्ष चल रहा है। मेले में पहुंचने वाले तमाम लोग गंगास्नान भी कर रहे हैं। ऐसे में पालिका और जिला प्रशासन पूर्णिमा को लेकर तैयारियों में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि 18 दिसंबर को भी गंगास्नान को श्रद्धालु उमड़ेंगे और 19 दिसंबर को तो मुख्य स्नान है ही।