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‘...मरीज को कुछ हो जाए तो हमारी जिम्मेदारी नहीं’

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आगरा। ऑक्सीजन नहीं है, खुद के सिलिंडर का इंतजाम कर लो, या फिर अपने मरीज को लेकर चले जाओ। मरीज को कुछ हो जाए तो हमारी जिम्मेदारी नहीं...। श्रीपारस हॉस्पिटल मेें 25 अप्रैल से ही बार-बार ऑक्सीजन की कमी का हवाला दिया जा रहा था। अस्पताल में भर्ती बताए गए 91 मरीजों में से 40 मरीजों के तीमारदारों से बातचीत में आईएमए की जांच समिति को यह जानकारी मिली है।
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समिति के एक सदस्य ने बताया कि 52 मरीज और उनके परिजनों को फोन मिलाए गए। जिनमें से 40 से बात हो गई है। उन्होंने ऑक्सीजन की कमी के बारे में बताया। कहा कि 25 अप्रैल से ही अस्पताल स्टाफ ने ऑक्सीजन किल्लत की बात कहते हुए अपनी व्यवस्था खुद करने को कहा था। 26 अप्रैल को सुबह अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा अफरा-तफरी का माहौल मिला। उस दिन बैग में पैक हुए कई शव कुछ समय के अंतराल में बाहर आते देखे थे।
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अभी सभी मरीजों से बात नहीं हो पाई है। ऐसे में शनिवार को होने वाली वर्किंग कमेटी की बैठक फिलहाल नहीं होगी। शनिवार को समिति आपस में ही बैठक कर अब तक हुई जांच पर चर्चा करेगी। -डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, सदस्य जांच समिति
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समिति के सदस्यों ने बताया है कि अभी सभी मरीजों से बात नहीं हो पाई है, ऐसे में दो-तीन दिन और रिपोर्ट बनने में देरी लगेगी। -डॉ. राजीव उपाध्याय, अध्यक्ष आईएमए
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अप्रैल में ऑक्सीजन की भारी कमी थी। इसकी भुक्तभोगी मरीजों के परिजन हैं, जो ऑक्सीजन के लिए दिन-रात भटक रहे थे। प्रशासन ने अपनी गर्दन बचाने के लिए ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं बताकर जांच रिपोर्ट में श्रीपारस हॉस्पिटल को क्लीन चिट दे दी। 16 मृतकों के परिजन और आईएमए की जांच समिति की पूछताछ में भी ऑक्सीजन की कमी मिली है। ऐसे में प्रशासन की जांच संदेह में आ गई है। पीड़ितों का भरोसा डगमगा रहा है। कोर्ट में ऑक्सीजन ऑडिट के लिए वाद दायर किया है।
-शबी हैदर जाफरी, सामाजिक कार्यकर्ता
प्रशासन ने जल्दबाजी में ऑक्सीजन की कमी न बताकर दमघोंटू मॉकड्रिल मामले में क्लीन चिट दे दी, हकीकत में ऑक्सीजन की कमी के कारण ही मॉकड्रिल की होगी। ऐसे में अपनी कमी छिपाने के लिए अस्पताल को सील कर दिखावटी कार्रवाई की, जबकि मॉकड्रिल में कथित रूप से 22 मरीजों की मौत पर आरोपी डॉ. अरिन्जय जैन पर मुकदमा दर्ज कराया जाना चाहिए। आईएमए की जांच को भी एक महीना होने को आग गया, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। ऐसे में पीड़ित कहां जाएं। -आशू शर्मा, अध्यक्ष, जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन
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