ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी जैसे एएसआई संरक्षित स्मारकों के पास अवैध निर्माण और प्रतिबंधित क्षेत्र की मैपिंग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कर दी है। दो साल पहले इसरो ने संस्कृति मंत्रालय के साथ देशभर के पुरातात्विक स्थलों की निगरानी के लिए मैपिंग शुरू की थी।
इसमें सबसे पहले बंगलुरू सर्किल को लिया गया, लेकिन अब आगरा समेत सभी सर्किलों के स्मारकों पर 100 और 300 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र का सेटेलाइट मैप तैयार हो चुका है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) स्मारकों के 100 मीटर और 300 मीटर के अंदर अवैध निर्माण पर स्थानीय प्रशासन नापजोख में खेल कर देते हैं। ऐसे में स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर एएसआई ने स्मारकों के संरक्षण, अवैध निगरानी को लेकर इसरो से मैपिंग कराई है। इस मैपिंग में स्मारकों का हिस्सा लाल रंग से, 100 मीटर का हिस्सा पीले रंग से और उसके बाद प्रति निषिद्ध क्षेत्र को हरे रंग से मापा है।
सबसे पहले इसे कर्नाटक के बंगलुरू सर्किल में अपनाया गया था, लेकिन अब ताजमहल समेत सभी स्मारकों के मैप तैयार कर चुका है। डिजिटल सेटेलाइट मैप बनने से तहसील और लेखपाल स्तर पर स्मारकों के प्रतिबंधित क्षेत्र में कोई छेड़छाड़ संभव नहीं है।
स्मारकों के पास बने निर्माणों की ऊंचाई, रोड और खुली जगह का रिकार्ड बना रहेगा। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम के मुताबिक इसरो की मदद से तैयार सेटेलाइट मैपिंग से धरोहरों के संरक्षण में मदद मिलेगी और अवैध निर्माण की स्पष्ट जानकारी रहेगी।