आगरा नगर निगम में मेयर के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) को नए साइकिल सवार की तलाश है। अनुसूचित जाति की महिला के लिए सीट आरक्षित है। तीन महिलाएं टिकट के लिए दावेदार हैं, लेकिन तीनों नए चेहरे हैं। टिकट के लिए उठापटक शुरू हो गई है। हर बार मेयर के चुनाव में सपा को मायूसी हाथ लगी, लेकिन इस बार अनुसूचित, मुस्लिम और यादव के समीकरण साधने की कवायद है।
नगर निगम में लगातार छह बार से मेयर की सीट भाजपा के खाते में है। विधानसभा चुनाव 2022 में सपा का वोट प्रतिशत बढ़ने से सपाई उत्साहित हैं। 2012 में एससी के लिए आरक्षित सीट पर सपा प्रत्याशी महाराज सिंह धनगर को 90 हजार से अधिक वोट मिले थे। 2017 में सामान्य सीट पर सपा ने ब्राह्मण कार्ड खेला था।
सपा प्रत्याशी राहुल चतुर्वेदी को 50 हजार से अधिक वोट मिले। इससे पहले 2007 में सपा से आशा रानी बाल्मीकि ने चुनाव लड़ा था। इस बार अनुसूचित जाति से तीन महिलाएं दावेदार हैं। पिछले चुनाव में सपा ने 90 वार्डों में चुनाव लड़ा था। जिनमें पांच पार्षद जीते थे। सपा के सबसे ज्यादा पार्षद 2012 में 23 जीते थे। जबकि 2007 के नगर निगम चुनाव में 17 वार्डों में साइकिल चली थी।