आगरा। अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में कई और नामों का पता चला है। यह लोग गिरोह के लिए काम कर रहे थे। फंडिंग से लेकर युवतियों को धर्मांतरण के लिए तैयार करने में मदद कर रहे थे। पुलिस अब इनके बारे में जानकारी जुटा रही है। जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस गिरोह के पाकिस्तान, नेपाल और म्यांमार से कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है। गिरोह के 13 आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
18 जुलाई को पुलिस ने सदर क्षेत्र की रहने वाली दो सगी बहनों को कोलकाता के तपसिया इलाके से बरामद किया था। साथ ही देश के अलग-अलग राज्यों से 10 आरोपियों को भी दबोचा था। आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के दिल्ली निवासी मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह को 21 जुलाई को गिरफ्तार किया था। तब से वह पुलिस की रिमांड पर ही था। उससे पूछताछ के बाद उसके दो बेटों समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। उससे गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई गई।
उसके मोबाइल में व्हाट्सएप चैट और काॅल डिटेल भी खंगाली गई, जिसमें पाकिस्तान के छह नंबरों का भी पता चला। पुलिस ने अब्दुल रहमान के अलावा 13 अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की। इसमें गिरोह से जुड़े 20 से अधिक और भी नाम सामने आए हैं। यह लोग फंडिंग से लेकर धर्मांतरण के लिए युवतियों को तैयार करते थे। यह सभी अलग-अलग राज्य के रहने वाले हैं। इनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
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संदिग्ध साहित्य, काॅल डिटेल बनेगी मजबूत साक्ष्य
पुलिस के मुताबिक, अब्दुल रहमान मूलरूप से फिरोजाबाद का रहने वाला है। उसने 35 साल पहले धर्म परिवर्तन किया था। उसका नाम महेंद्र पाल था। मजदूरी करता था। बाद में वो दिल्ली में जाकर बस गया। वह जेल में सजा काट रहे कलीम सिद्दीकी के लिए काम करने लगा। उसका नेटवर्क चला रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके घर से बड़ी संख्या में पुस्तकें बरामद की थीं। इन पुस्तकों को धर्मांतरण के लिए युवक और युवतियों को दिया जाता था। इसमें कलीम सिद्दीकी और अब्दुल रहमान का नाम लिखा था। आरोपी की काॅल डिटेल व व्हाट्सएप चैट से पाकिस्तान के अलावा नेपाल, म्यांमार तक जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि अब्दुल रहमान बड़े स्तर पर सामूहिक धर्मांतरण की योजना बना रहा था। यह सभी आरोपी के खिलाफ कोर्ट में सजा दिलाने के लिए मजबूत साक्ष्य बनेंगे।