फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएड काउंसलिंग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे सैकड़ों छात्र-छात्राएं, जानिए क्या है वजह

Sat, 08 Jun 2019 11:47 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली में बीएड की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं परेशान हैं। अभी तक सभी कॉलेजों के सभी पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम जारी नहीं हो पाए हैं। काउंसलिंग में शामिल होने के लिए अंकपत्र होना जरूरी है। 
विज्ञापन


छात्र-छात्राएं कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय की दौड़ लगा रहे हैं। एक-दूसरे के पाले में गेंद डाली जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रयोगात्मक परीक्षा अंक न उपलब्ध कराने वाले कॉलेजों के ही परिणाम रुके हुए हैं। 

अंक प्राप्त होने के साथ ही परिणाम जारी कर दिया जा रहा है। कई एडेड कॉलेजों के परिणाम भी नहीं जारी हुए हैं। सेंट जोंस कॉलेज के बीए तृतीय वर्ष के छात्रों ने विश्वविद्यालय में पहुंचकर नाराजगी जताई। 
विज्ञापन

'कॉलेज प्रशासन है दोषी'

विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि जिन कॉलेजों के परीक्षा परिणाम नहीं घोषित हुए हैं, उसके लिए कॉलेज प्रशासन दोषी है। विश्वविद्यालय स्तर से समय से मूल्यांकन पूरा कराकर परिणाम तैयार करा लिए गए हैं। 

कॉलेजों ने प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक नहीं भेजे हैं। आठ जून तक समय कॉलेजों को दिया है। नहीं तो 11 जून को नोडल सेंटरों पर विश्वविद्यालय स्तर से प्रयोगात्मक परीक्षा कराकर परिणाम निकाले जाएंगे। 

इतने कॉलेजों ने जारी किए परिणाम 

बीए तृतीय वर्ष के 692 कॉलेजों में से महज 208 कॉलेजों के परीक्षा परिणाम जारी हुए हैं। 484 कॉलेजों का परिणाम आना बाकी है। वहीं, बीएससी तृतीय वर्ष के 624 कॉलेजों में से 144 के परीक्षा परिणाम ही जारी हो पाए हैं। 480 कॉलेजों का परिणाम आना बाकी है। अभी 50 फीसदी कॉलेजों के परिणाम भी नहीं जारी हो पाए हैं। 
विज्ञापन

60 कॉलेजों के नाम काउंसलिंग में नहीं भेजे

संबद्धता विस्तारित न कराने वाले 60 कॉलेजों के नाम बीएड काउंसलिंग के लिएमहात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली को नहीं भेजे गए हैं। प्रत्येक कॉलेज में 100-100 सीटों के हिसाब से करीब 6000 सीटें कम हो जाएंगी। 

विश्वविद्यालय के कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि कॉलेजों को मानकों को पूरा करने और संबद्धता विस्तारित कराने के लिए भरपूर समय दिया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें