फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनरेगा: ग्राम पंचायत में 24 श्रमिकों को प्रतिदिन देना होगा काम

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। मनरेगा का निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करने और श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए ग्राम पंचायतों का भी लक्ष्य तय कर दिया गया है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन 24 श्रमिकों को रोजगार देना अनिवार्य कर दिया है। इसमें लापरवाही पर रोजगार सेवक और पंचायत सचिवों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

जिले के नौ ब्लॉकों में कुल 549 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार दिलाया जाता है। कोरोना काल के बाद से ही श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार दिलाने पर विशेष जोर है। शासन की ओर से सितंबर में जिले को दिया गया 25.82 लाख का वार्षिक लक्ष्य संशोधित कर 46.99 लाख कर दिया गया है। दिसंबर तक प्रशासन ने 37.41 लाख का लक्ष्य पूरा भी कर लिया है। ऐसे में बचा हुआ लक्ष्य मार्च पूर्ण किया जाना है।
इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने प्रत्येक ग्राम पंचायत का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। पंचायत सचिवों को दिए गए आदेश में प्रतिदिन प्रत्येक ग्राम पंचायत में 24 श्रमिकों को रोजगार दिया जाना अनिवार्य है। अगर समीक्षा के दौरान इससे कम रोजगार दिए जाने की बात सामने आती है तो रोजगार सेवक और पंचायत सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

समस्या हो तो कराएं अवगत
कई बार ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्य में भुगतान न होने या अन्य किसी मामले को लेकर समस्या आती है। समीक्षा के दौरान रोजगार सेवक और पंचायत सचिव कार्य न होने के पीछे ऐसे ही तर्क देते हैं। इसलिए मुख्य विकास अधिकारी ने कहीं भी कोई समस्या होने पर डीसी मनरेगा रंजीत सिंह को अवगत कराने के निर्देश दिए। बाद में कोई भी शिकायत नहीं सुनी जाएगी।
वर्जन
सभी ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन 24 श्रमिकों को रोजगार दिया जाना अनिवार्य है। अगर इसमें लापरवाही हुई तो जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। कोई समस्या होने पर डीसी मनरेगा को अवगत कराएं।
विज्ञापन

ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें