कैबिनेट मंत्री ने भी दी थी गवाही
पुलिस ने लगा दी एफआर, कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
अप्रैल 2013 में रामलीला कमेटी ने मनकामेश्वर मंदिर के निकट स्थित बारहद्वारी में सभा करते हुए हरिहर पुरी पर अवैध कब्जा करने और बारहद्वारी के हॉल में अवैध दरवाजे निकाल लेने का आरोप लगाया था। इसका विरोध करते हुए रामलीला कमेटी ने हरिहर पुरी की ओर से बनवाए दरवाजों पर ताला लगा दिया था। तब दोनों पक्षों में विवाद निपटाना भी तय हो गया था, लेकिन हरिहर पुरी ने दो माह तक शांत रहने के बाद इस मामले में पुलिस और कोर्ट में शिकायत की थी। पुलिस ने इस मामले में एफआर लगा दी थी। इस पर हरिहर पुरी ने आपत्ति दाखिल की, जिसको न्यायालय ने वाद पत्र के रूप में स्वीकार किया, हरिहर पुरी व उनके गवाहों के साक्ष्य लेने के उपरांत अभियुक्तों को डकैती की धाराओं में तलब किया और चार्ज लगाकर विचारण किया।
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हरिहर पुरी ने किया था जल्द फैसले का अनुरोध
इस मामले में हरिहर पुरी ने पिछले दिनों उच्च न्यायालय में आवेदन देकर जल्द फैसला दिलवाने का अनुरोध किया था। उच्च न्यायालय ने इस मामले में तीन माह के भीतर फैसला देने के निर्देश दिए थे।