अंदर से बंद था कमरे का दरवाजा
इसके बाद अपने कमरे में चले गए। दोपहर तकरीबन 12 बजे एक सेवादार उन्हें लंगर में ले जाने के लिए कमरे पर गया। मगर, कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने पर सेवादार ने परिसर में बने कार्यालय में बताया। इस पर दरवाजा तोड़ा गया और पुलिस को सूचना दी गई।
कमरे में पंखे से गुरतेज सिंह का शव लटका हुआ था। उनको फंदे से उतारा गया। उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नारायण ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
माइग्रेन की बीमारी से थे परेशान
गुरतेज सिंह पीलीभीत स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक देव जी के जत्थेदार थे। उन्हें माइग्रेन की परेशानी थी। वह अकसर दवा लेने आते थे। वह 15 दिन पहले आए थे। तब से यहां रह रहे थे। उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नारायण ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।