शिववीर ने पत्नी प्रियंका और तीनों बच्चों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह का एलान किया था। वह परिवार सहित कलक्ट्रेट पहुंचा, लेकिन भारी पुलिस फोर्स देखकर कलक्ट्रेट परिसर में दाखिल नहीं हुआ। सुबह करीब 11 बजे वह सीएमओ कार्यालय पहुंचा। वह अपने साथ कफन और केरोसिन लिए था।
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जानकारी होने पर कोतवाली और किशनी थाना पुलिस सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। यहां युवक को समझा बुझाया। सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने इलाज का भरोसा दिया। इसके बाद भी युवक डीएम से मिलने की जिद पर अड़ा रहा।
दोपहर करीब दो बजे युवक को सीएमओ ऑफिस से पुलिस सुरक्षा में कलक्ट्रेट लाया गया। यहां एडीएम ने शासन की ओर से इलाज में मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद युवक को परिवार सहित पुलिस सुरक्षा में घर भेजा गया।
सीएमओ कार्यालय के लोगों ने यदि सजगता न दिखाई होती तो मथुरा थाने जैसी घटना मैनपुरी में भी हो सकती थी। 11:00 बजे शिववीर अपने परिवार के साथ सीएमओ कार्यालय में पहुंच गया था।
यहां मौजूद सीएमओ कार्यालय के लिपिक अनिल ने उसके इरादे भांप लिए तो उसे अपने कमरे में ले गए और पुलिस को सूचना दे दी। 12:05 बजे किशनी के एसएचओ पीआर शर्मा सीएमओ कार्यालय पहुंचे।
उनके सामने ही शिववीर कफन पकड़े हुए था। उन्होंने गाड़ी से उतरना उचित नहीं समझा। अपना हमराह भेज उसे वहीं बुलाया। 12:09 बजे कोतवाल ओमहरि बाजपेयी, 12:13 बजे सीओ सिटी अभय नरायन राय सीएमओ कार्यालय पहुंचे।
कत्तरा निवासी शिववीर सिंह बच्चों के इलाज के लिए कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुका है। करीब डेढ़ महीने पहले उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई थी। साथ ही प्रशासन को आत्मदाह की चेतावनी दी थी।
शिववीर ने बताया कि वह पांच बीघा खेत इलाज के लिए बेच चुका है। अब उसके पास इलाज कराने के लिए पैसा नहीं है। अपनी आंखों के सामने बच्चों को मरता हुआ वह नहीं देख सकता है।
शिववीर को इलाज का बजट बनवाकर लाने के लिए कहा गया है। शासन को बजट भेजकर उसकी हरसंभव मदद कराने का प्रयास किया
जाएगा। -बी राम, एडीएम