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बढ़ावा मिले तो जेट इंजन तक बना दें लघु उद्यमी

Mon, 21 Dec 2015 02:05 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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मेक इन इंडिया के सपने को पूरा करने में अहम रोल सूक्ष्म और लघु उद्योगों का है। लघु उद्योगों को बढ़ावा दिए बिना मेक इन इंडिया का सपना पूरा नहीं हो सकता है। बढ़ावा मिले तो लघु उद्यमी जेट इंजन तक बना सकते हैं। देश में लोगों को मिलने वाले कुल रोजगार का 45 फीसदी रोजगार एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) देता है। बावजूद इसके एमएसएमई का जीडीपी में शेयर मात्र आठ फीसदी ही है। जबकि अन्य देशों में यह प्रतिशत 20 के करीब है। यह कहना था एफमेक प्रेसीडेंट पूरन डावर का। वे जीआईसी ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय औद्योगिक प्रदर्शनी 2015 एमएसएमई एक्सपो के समापन समारोह में बोल रहे थे।
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पूरन डावर ने कहा कि उत्पादन क्षेत्र के लिए एक अलग लोन सेल होना चाहिए। ताकि लोन प्रक्रिया आसान बनाई जा सके। मुख्य अतिथि विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने कहा कि छोटे उद्यमियों के विकास के लिए यह बेहतर प्रयास हैं। एमएसएमई के निदेशक पीकेएस राठौर ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लघु उद्यमियों के लिए बेहतर बाजार बड़े उद्यमियों को बेहतर प्रोडक्ट उपलब्ध कराने का माध्यम है। जिला उद्योग केंद्र के डिप्टी कमिश्नर बीरेंद्र कुमार ने कहा कि एक हजार कारीगर उपलब्ध कराने का अनुबंध किया गया है, जिसे पूरा करने के उद्देश्य से सीएफटीआई व एफडीडीआई में जल्दी ही फुटवियर के क्षेत्र में ट्रेनिंग कोर्स शुरू किया जा रहा है। इस मौके पर नौ उद्यमियों को बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड दिए गए। सात को स्टॉल होल्डर अवार्ड प्रदान किए गए। जिला उद्योग केंद्र के उपनिदेशक इंद्रजीत यादव, बृजेश यादव, राकेश गर्ग, दीपक अग्रवाल, संजय यादव, संतोष राव मोरे आदि मौजूद थे।
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