रक्षा निर्माण में मेक इन इंडिया के तहत देश ने बड़ी कामयाबी पाई है। डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ऑर्गैनाइज़ेशन) के द्वारा विकसित पी-7 हैवी ड्रॉप सिस्टम की मदद से अब युद्ध के मैदान में सात टन तक वजनी साजो सामान को पैराशूट के जरिए आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
बड़ी संख्या में उत्पादन से पहले अनिवार्य स्वीकृति (बीपीसी) के लिए बुधवार को भारतीय सेना, वायुसेना और एडीआरडीई की संयुक्त टीम ने आगरा के मलपुरा स्थित पैरा ड्रॉपिंग जोन में दो सिस्टम का सफल परीक्षण किया।
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इसमें आईएल-76 विमान से दो पी-7 हैवी ड्रॉप सिस्टम को 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहे विमान से 600 मीटर की ऊंचाई से नीचे छोड़ा गया।