आगरा शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत चयनित 8112 छात्रों में से सिर्फ 4200 को ही प्रवेश मिल सका है। 3912 छात्र प्रवेश से वंचित हैं। जबकि जिले में 10,644 सीटें खाली पड़ी हैं। शासन ने अभियान चलाकर प्रवेश कराने के लिए कहा है। साथ ही कहा है कि अगर कोई निजी स्कूल प्रवेश नहीं ले रहा है तो उसे तत्काल नोटिस जारी करें। इसके रिपोर्ट भी शासन को भेजें।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न हुई थी। पहले चरण में 13,627 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 11,827 सही पाए गए। लॉटरी में 4989 बच्चों को सीट मिली। दूसरे चरण में 4715 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3886 सही पाए गए और 829 निरस्त किए गए। इस चरण में 1771 बच्चों को सीट मिली। तीसरे चरण में 2322 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1930 सही पाए गए। इस चरण में 1352 बच्चों को सीटें आवंटित हुई।
तीनों चरणों को मिलाकर कुल 17,643 आवेदन सत्यापन में सही पाए गए, लेकिन केवल 8112 बच्चों लाॅटरी सिस्टम से चयनित हो सके। उन्हें भी अब तक प्रवेश नहीं मिल सका है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। खुद निगरानी कर रहा हूं। सभी स्कूल संचालकों को जल्द प्रवेश लेने के निर्देश दिए हैं।
अगर कोई स्कूल प्रवेश लेने से मना करता है, तो नोटिस देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवेश के समय बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। अभिभावक के आधार पर प्रवेश दिया जा सकता है और बाद में बच्चे का आधारकार्ड बनवाना आवश्यक होगा। यदि किसी बच्चे के दस्तावेज में कमी है तो वे स्वयं निर्णय न लें और विभागीय कार्यालय से संपर्क कर प्रवेश सुनिश्चित करें।