वहीं वर्ष 2020 में न्यूनतम तापमान सात डिग्री ओर 2021 में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहा था। दिनभर लोग अलाव के सहारे सर्दी से बचने का प्रयास करते रहे। वहीं स्कूल जाने के लिए निकले बच्चे और लोग सड़कों पर कंपकंपाते नजर आए। दिनभर सर्दी से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। शाम होते ही एक बार फिर सर्दी बढ़ने से लोग जल्द से जल्द घर पहुंचने के प्रयास में रहे।
आलू की फसल पर छाया संकट
सर्दी बढ़ने के साथ ही आलू की फसल पर भी खतरा मंडराने लगा है। जिले में 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने आलू की बुवाई की है। सर्दी अधिक होने से आलू में झुलसा ओर ब्लाइट रोग आने की आशंका बढ़ गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार उद्यान विभाग भी आलू की फसल पर नजर बनाए है। वहीं गेहूं की फसल के लिहाज से मौसम बेहतर है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विकास रंजन चौधरी ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए मौसम लाभकारी साबित होगा।
अभी और सताएगी सर्दी
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र कुमार वर्मा के अनुसार मैनपुरी के लोगों को अभी सर्दी और सताएगी। दरअसल पूर्वानुमान के अनुसार कोहरा पड़ने के साथ ही आगामी दो दिनों में तापमान में गिरावट बनी रहने की आशंका जताई गई है। ऐसे में सर्दी से फिलहाल लोगों को राहत नहीं मिलेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र वर्मा ने बताया कि सोमवार को न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। 2019 में 26 दिसंबर को न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। ऐसे में सर्दी ने बीते तीन सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आगे सर्दी और भी बढ़ सकती है।