बेटी का आरोप है कि पिता को ऑक्सीजन नहीं मिली, जिससे उनकी दम घुटने से मौत हो गई। संध्या ने बताया कि पिता की मौत के चार घंटे बाद शव 23 अप्रैल को देर रात पीपीई किट में लिपटा उन्हें सौंपा गया। शव के गांव पहुंचने पर तीनों बेटियों और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम संस्कार के दौरान पूर्व सैनिक की चिता को जब बेटी बेटी संध्या ने मुखाग्नि दी तो हर आंख नम हो गई।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से न्याय की मांग करेगी बेटी
पूर्व सैनिक की बेटी संध्या ने बताया कि देश की सेवा करने वाले उनके पिता महेंद्र सिंह की हॉस्पिटल की लापरवाही से मौत हुई है, जिसकी शिकायत वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कर न्याय की मांग करेगी।
बेटी ने दी मुखाग्नि
महेंद्र सिंह लोधी के बेटा नहीं हैं, उनके तीन बेटियां हैं। परिजनों के अनुसार सबसे बड़ी बेटी रेखा, दूसरी बेटी मनोज की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी संध्या भी शादी योग्य है। पिता की मौत के बाद रविवार को संध्या ने बेटी होते हुए बेटे का फर्ज निभाया। संध्या ने पिता की चिता को मुखाग्नि देने के साथ ही अंतिम क्रिया की।