आयकर अधिवक्ता दीपक कुमार अग्रवाल ने कहा कि आयकर स्लैब इस बार लोगों को बदलाव की उम्मीद नहीं थी। कोरोना काल में हुए राजकोषीय घाटे के बाद भी संतुलित बजट पेश किया गया है। वर्चुअल करेंसी पर टैक्स लगाकर इसे हतोत्साहित किया गया है। आईटीआर संशोधन का विकल्प सराहनीय है।
टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रकाश गुप्ता ने कहा कि जब भी कोई बजट आता है तो उससे हर वर्ग की उम्मीदें जुड़ी होती हैं। इस बार जो बजट आया है उसमें निचले तबके को सौगात दी गई हैं। आयकर या अन्य करों में कोई विशेष राहत नहीं मिली है। आगामी बजट में आयकर में राहत की उम्मीद की जा सकती है।
आयकर अधिवक्ता प्रखबर दीक्षित ने कहा कि आयकर के छापे में जो काला धन मिलता था वह प्रक्रिया के बाद वापस हो जाता था। इसे अब सरकार जब्त करेगी। ये काले धन को रोकने के लिए एक बेहतर कदम है। दिव्यांगों के माता-पिता को छूट का लाभ मिलने का मामला भी बेहतर है।