मैनपुरी। स्कूली बच्चों से भरीं दो वैन मंगलवार को जिले के अलग-अलग इलाकों में पटल गईं। दोनों में 16-16 बच्चे सवार थे। एक हादसे में 3 और दूसरे में छह बच्चे घायल हुए, जिनमें से एक की हालत नाजुक है। उसे मेडिकल कॉलेज, सैफई रेफर किया गया है। पहला हादसा इटावा हाईवे स्थित सिंहपुर नहर के पास सुबह के समय हुआ। दूसरा हादसा बरनाहल थाना क्षेत्र के दिहुली मार्ग पर दोपहर में हुआ। पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुट गई है।
कोतवाली क्षेत्र के शृंगार नगर स्थित संत रामानुज स्कूल की वैन मंगलवार की सुबह करीब 16 बच्चों को लेकर सिंहपुर नहर पुल होते हुए शृंगार नगर की ओर आ रही थी। नहर पुल रजवाह के पास अचानक चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन मार्ग पर पलट गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत गाड़ी से बच्चों को बाहर निकाला। हादसे में घायल हुए 8 वर्षीय असित पुत्र उपेंद्र यादव, 4 वर्षीय मयंक पुत्र अतेंद्र यादव, 5 वर्षीय रिहांश पुत्र रवि यादव सभी निवासी गांव अंगौथा नगरिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल बच्चों के अभिभावक भी अस्पताल पहुंच गए। रिहांश को मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर किया।
वहीं, दूसरी घटना करीब दोपहर 1 बजे की है। होली तिराहे के पास स्थित एसएसबी पब्लिक स्कूल की वैन 16 बच्चों को लेकर दिहुली की ओर जा रही थी। आरएन महाविद्यालय के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार वैन अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे खंदी में पलट गई। आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और बच्चों को गाड़ी से बाहर निकाला। हादसे में नवादा गांव के छह बच्चे घायल हुए हैं। इनमें आयुष (5), आर्यन (4) पुत्र राम सिंह, अनन्या (6) पुत्री राहुल, सृष्टि (5) पुत्री अवनीश, प्राची (4) पुत्री अखिलेश हर्ष (5) पुत्र राम खिलाड़ी हैं।
पुलिस के सामने प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप, ड्राइवर नशे में था
हादसे की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन और थाना पुलिस भी मौके पर आ गई। डरे-सहमे बच्चों को देख परिजनों ने उन्हें गले लगा लिया और इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल ले गए। वहीं, वैन का ड्राइवर घटना के बाद मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर नशे की हालत में था, और उसी के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस फरार ड्राइवर की तलाश कर रही है।
मानकों की हो रही अनदेखी
विद्यालय यान नियमावली को स्कूल वाहन संचालक ठेंगा दिखा रहे हैं। जिले में 600 के करीब विद्यालय यान पंजीकृत हैं। नियम है कि बच्चों को क्षमता से अधिक नहीं बैठाया जाएगा। मगर, इस नियम की अनदेखी की जाती है। इसके अलावा चालक-परिचालकों की ओर से चरित्र सत्यापन भी नहीं कराया जा रहा है। इन वाहनों में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। छात्राएं भी इन वाहनों में परिवहन करती हैं। मगर, उनकी सुरक्षा के लिए कोई भी महिला स्टाफ उक्त वाहनों में नहीं होती है। एआरटीओ शिवम यादव ने बताया कि घटना के संबंध में जानकारी मिली है कि संत रामानुज स्कूल की टाटा मैजिक में क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन किया जा रहा था। संबंधित को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। मामला सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
सभी घायल बच्चों को उनके परिजन इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
- अजय सिंह चौहान, सीओ करहल