मैनपुरी। जनसमस्याओं के निस्तारण में जिले के बिछवां और करहल थाने की स्थिति सबसे खराब है। डीजीपी मुख्यालय, लखनऊ से जारी हुई रैंकिंग रिपोर्ट से इन दोनों थानों की लापरवाही की पोल खुल गई है। रिपोर्ट के अनुसार महिला थाने की स्थिति सबसे अच्छी, कोतवाली शहर की स्थिति औसत है। जनता के फीडबैक के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
जनता नहीं संतुष्ट, खोल रही पोल
प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के संबंध में थाना पुलिस से रिपोर्ट लगाकर अधिकारियों को भेजी जाती है। डीजीपी मुख्यालय से संबंधित व्यक्तियों से उनकी शिकायत निस्तारण के संदर्भ में पुलिस की कार्यशैली के प्रति फीडबैक लिया जाता है। इसमें फरवरी माह में करहल थाने के प्रति सबसे अधिक 98 लोगों में से 74 लोगों ने असंतुष्ट फीडबैक दिया। इसके अलावा बेवर थाने के लिए 95 में से 65, किशनी के लिए 110 में से 55, शहर कोतवाली के लिए 81 में से 41, कुरावली के लिए 61 में से 35, घिरोर के लिए 52 में से 34, एलाऊ के लिए 51 में 31, बिछवां के लिए 34 में से 26, भोगांव के लिए 51 में से 22, औंछा के लिए 54 में से 21, कुर्रा के लिए 24 में से 11, दन्नाहार के लिए 9 में से 3, महिला थाने के लिए 3 में से 1 व्यक्ति ने शिकायत निस्तारण के प्रति असंतुष्ट फीडबैक दिया।
इन थाना क्षेत्रों के लोग सबसे ज्यादा एसपी के पास पहुंच रहे
फरवरी माह की बात करें तो शहर कोतवाली को सबसे ज्यादा 214 शिकायत पत्र निस्तारण के लिए एसपी स्तर से भेजे गए। इसके बाद बेवर को 143, किशनी को 141, कुरावली को 136, भोगांव को 120 प्रार्थना पत्रों को एसपी ने निस्तारण के लिए भेजा। यह प्रार्थना पत्र इन थानों के संबंधित क्षेत्रों में रहने वाली जनता के थे।
थाना जिले की रैंक प्रदेश की रैंक
महिला थाना 1 254
दन्नाहार 2 376
औंछा 3 418
भोगांव 4 517
कुर्रा 5 611
किशनी 6 695
कोतवाली शहर 7 793
बरनाहल 8 975
कुरावली 9 975
घिरोर 10 1092
एलाऊ 11 1160
बेवर 12 1387
करहल 13 1486
बिछवां 14 1512
सभी थानाध्यक्षों को आदेशित किया है कि वह शिकायतकर्ताओं के मामलों का मौके पर जाकर निस्तारण करें। कुछ फीडबैक में यह प्राप्त होता है कि संबंधित व्यक्ति तक पुलिस ही नहीं पहुंची। इसको लेकर आदेश किया है कि मौके पर जाने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी फोटो खींचकर शिकायत निस्तारण आख्या के साथ संलग्न करेंगे।
- गणेश प्रसाद साहा, एसपी