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Agra News: गमगीन माहौल में गूंजा या हुसैन

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शहर में ताजिये का जुलूस निकालते मुस्लिम समाज के लोग।  - फोटो : संवाद
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मैनपुरी। मुहर्रम की 10 वीं तारीख को नगर में ताजिया का जुलूस परंपरागत तरीके से निकाला गया। शहर के इमाम चौकों से ताजिये आगरा रोड स्थित इमामबाड़ा पहुंचे। इमामबाड़ा में सलामी देने के बाद तय मार्ग से होते हुए बड़ा चौराहा पहुंचे। बड़ा चौराहा पर अखाड़ा के बाद पुरानी मैनपुरी होते हुए देवी रोड स्थित करबला पहुंचे। करबला में गमगीन माहौल में ताजिये दफन किए।
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शहर में तैयार किए गए 15 ताजिया को लेकर ताजियेदार रविवार की शाम को अपने अपने इमाम चौकों से लेकर आगरा रोड स्थित इमामबाड़े में एकत्रित हुए। इमामबाड़े में ताजिया को सलामी दी गई। सलामी देने के बाद ताजियेदार मातमी धुनों के बीच अपने ताजिया को लेकर आगरा रोड पुलिया, भीमसेन मंदिर वाली गली, करहल रोड होते हुए बड़ा चौराहा पहुंचे।
ताजियों के जुलूस में शामिल ताजियेदारों और युवाओं ने बड़ा चौराहा पर हुए अखाड़े में हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। बड़ा चौराहा पर अखाड़ा होने के बाद कृष्णा टाकीज पहुंचे। यहां ताजियेदारों को सम्मानित किया गया। बाद कटरा पुलिस चौकी, कटरा मोहल्ला होते हुए मदार दरवाजा पहुंचे। मदार दरवाजा पर अखाड़ा करने के बाद ताजियेदार अपने ताजियों को लेकर देवी रोड स्थित करबला पहुंचे। करबला में गमगीन माहौल में ताजियों को दफन किया गया। ताजिया कमेटी के अध्यक्ष आजम खान, खानकाहे रशीदिया के सज्जादानशीन अब्दुल रहमान खां चिश्ती बबलू मियां, जामा मस्जिद के पेश इमाम समी अहमद, नदीम इलाही, मोहम्मद असलम बॉबी, जमीन खान, मोहम्मद शफी, सलमान मंसूरी, अमन वारसी, फैसल खान मौजूद रहे।
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मुहर्रम पर युवाओं ने दिखाए कारनामे
भोगांव/ बेवर। नगर में मुहर्रम पर ताजियों का जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल बैंड मातमी धुनें बजाते हुए चल रहे थे। मुख्य बाजार से ताजिये निकाले जाने के बाद मैनपुरी रोड पर ईदगाह के निकट करबला में सुपुर्द ए खाक कर दिए गए।
रविवार की शाम तीन बजे ताजिये अपने अपने इमामबाड़े से उठकर गलियों में पहुंचे तो मुस्लिम समाज की महिलाओं ने अलम में नीबू, धागे, दुपट्टे बांधकर मन्नतें मांगी। शाम चार बजे सब्जी मंडी चौराहे पर एकत्रित हुए। युवा आग पर चलना, कीलों ंपर लेटना, जंजीरों से अपने शरीर को लहूलुहान करके अखाड़ो में युवा या हुसैन, या हुसैन के नारे लगाकर युवाओं का जोश बड़ा रहे थे।
देर रात मरसिये पढ़ते हुये धीर धीरे ताजिये मुख्य बाजार से निकाले गए। रात में ताजियों को करबला में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। उपजिलाधिकारी संध्या शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक मिश्रा, डॉ. अयाज मंसूरी, शकील उर्फ़ फूल मियां, अहमद अली, अब्दुल जलील, नज़मी अब्बासी, सिराज मंसूरी, इमरान जावेद, जमील अहमद मौजूद रहे। बेवर में भी मुहर्रम पर ताजिये निकाले गए। जुल्फकार अली, शमशाद, यूनिस अली, इदरीश अली मौजूद रहे।

सुरक्षा के बीच निकला मुहर्रम का जुलूस
करहल। करहल में मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। मातमी दस्तों ने सीने पर हाथ मारते हुए या हुसैन के नारे लगाए। जुलूस मोहल्ला खेड़ा से शुरू होकर निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा। जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए। एसडीएम अंजली सिंह, सीओ अजय सिंह चौहान, इंस्पेक्टर महाराज सिंह भाटी, बिलाल, चांद मुन्ना, आजम, जब्बार, मुसीर, आसिफ, डॉ. जीशान अहमद, मुस्लिम अली मौजूद रहे।
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गमगीन माहौल में मनाया मुहर्रम
कुरावली। नगर में मुहर्रम पारंपरिक ढंग से मनाया गया। गल्लामंडी स्थित जामा मस्जिद से जुलूस निकाला गया। समाज के हाजी मोहम्मद कलीम ने बताया कि मुहर्रम का पर्व इमाम हसन हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है। जामा मस्जिद पर पेशे इमाम द्वारा फातिहा पढ़े जाने के बाद ताजियों के साथ जुलुस प्रारंभ हुआ। जैन मंदिर के निकट मुस्लिम युवाओं द्वारा प्रतीकात्मक हथियारों से युद्ध कला का प्रदर्शन किया गया। जुलूस के दौरान लोगों ने इमाम हुसैन की याद में नारे भी लगाए। जुलूस मातमी धुनों के बीच मोहल्ला सराय, कुरेशियान, इरशाद की चौकी, सिकंदर चौकी, जैन मंदिर वाली गली होते हुए निकाला गया। रात में ताजिये करबला में दफन किए गए। हाजी मोहम्मद कलीम कुरैशी, सभासद अनीस राइन, नईम राईन, हाजी अशफाक सिद्दीकी, बिलाल कुरैशी, असद खान मौजूद रहे।
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