मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र के गांव गड़ारा निवासी बनारसी जीते जी तो वीकेश की पत्नी नहीं बन सकी। लेकिन मरने से चंद लम्हों पहले वह सुहागिन बनी। वीकेश ने उसकी मांग भरी थी। इसके कुछ देर बाद ही दोनों ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। गड़ारा में वीकेश और बनारसी की प्रेम कहानी के दुखद अंत ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।एक असफल प्रेम कहानी में गांव गड़ारा की रहने वाली बनारसी और वीकेश का नाम भी शामिल हो गया है। गांव स्थित पुराने घर में इस प्रेमी जोडे़ के बीच जीवन को लेकर जो फैसला लिया गया। वह तो सभी के सामने हैं। लेकिन खुदकुशी की वजह भी अब काफी हद तक साफ हो रही है। दोनों एक साथ रह कर तमाम जिंदगी जीना चाहते थे। लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था। तभी तो दोनों के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। दोनों के बीच दूरियां बनाई गईं। लेकिन वह भी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। आखिरकार बुधवार को दोनों ने जान देने का फैसला कर लिया। जान देने से पहले बनारसी ने वीकेश की पत्नी बनने का अपना सपना चंद लम्हों के लिए भरपूर जिया। दोनों ने मरने से पहले शादी रचाई और वीकेश ने बनारसी की मांग भी भरी थी।
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
गड़ारा निवासी वीकेश और बनारसी के शव बुधवार की शाम को गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। दोनों के परिजन इस दुखद अंत से गमगीन थे। ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच वीकेश और बनारसी के परिजन ने शवों के अंतिम संस्कार किए। गड़ारा में प्रेमी युगल की मौत के बाद मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।