फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: अवकाश के दिन प्रधान डाकघर में बुलाए गए जिले भर से डाककर्मी

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। बृहस्पतिवार को सरकारी कार्यालयों में ईद का अवकाश था। लेकिन इसके बाद भी प्रधान डाकघर खोला गया। जिले भर से डाक कर्मचारियों को भी बुलाया गया। बंद कमरे में हुई बैठक के संबंध में अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है। वहीं दबी जुबान में कर्मचारी उन पर रुपये देने का दबाव बनाए जाने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन

दरअसल प्रधान डाकघर और शाख डाकघर अंगौथा में बड़ा गबन किया गया है। खातों से लाखों नहीं बल्कि कई करोड़ रुपये की धनराशि गायब है। वहीं गबन के लागातर नए मामले भी सामने आ रहे हैं। इसके चलते अधिकारियों को अब कार्रवाई का डर सता रहा है। इसी डर के चलते गुपचुप तरीके से अवकाश के दिन प्रधान डाकघर में जिले भर के कर्मचारी बुलाए गए। कर्मचारियों के पहुंचने के बाद ताला बंद कर दिया। यहां अधिकारियों में सहायक डाक अधीक्षक लक्ष्मण सिंह, शिकायत निरीक्षक सुजीत मौर्य और प्रधान डाकघर के डाकपाल विवेक प्रताप मौजूद थे। बंद कमरे में ही कर्मचारियों से काफी देर तक बातचीत की गई। इसके बाद कर्मचारियों को वापस भेज दिया गया।
मामले में अब अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। शिकायत निरीक्षक सुजीत मौर्य का कहना है कि वे बृहस्पतिवार को प्रधान डाकघर किसी कार्य से गए थे। इस दौरान उन्होंने जिले के डाकघरों से आए कर्मचारी भी नजर आए, लेकिन उनसे किसी प्रकार की वार्ता नहीं की गई। वहीं डाकपाल विवेक प्रताप का कहना है कि गणेश जी के पूजन के लिए सभी को बुलाया गया था।
विज्ञापन

लेकिन दबी जुबान में कर्मचारी कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि उन पर डाकघर में हुए गबन की भरपाई करने के लिए दो-दो लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। उनसे कहा गया कि अगर रुपये नहीं दिए तो सब पर कार्रवाई हो जाएगी और बाहर के जिलों में स्थानांतरण हो जाएगा। हालांकि कोई भी कर्मचारी रुपये देने के लिए राजी नहीं हुआ। डाकपाल विवेक प्रताप ने ऐसी किसी बातचीत से इन्कार किया है।

अवकाश पर हैं डाक अधीक्षक, नहीं है जानकारी
डाकघरों में गबन के बाद शासन ने मैनपुरी में डाक अधीक्षक के पद पर तैनात देवेंद्र सिंह को 21 सितंबर को हटा दिया था। उनके स्थान पर वरिष्ठ डाकपाल झांसी अशोक कुमार त्रिपाठी को अब जिम्मेदारी दी गई है। वे बीते कुछ दिनों से अवकाश पर चल रहे हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थित में ये पूरा खेल चल रहा है। उनकी जानकारी के बिना ही जिले भर के डाक कर्मचारियों की बैठक बुलाई गई, इसका कोई लिखित एजेंडा भी जारी नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें