मैनपुरी। दन्नाहार थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या के दोषी को बृहस्पतिवार को एडीजे विशेष पॉक्सो चेतना चौहान की कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 85 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
दन्नाहार थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार क्षेत्र के एक गांव निवासी मजदूर की 10 वर्षीय पुत्री 9 मार्च 2020 की दोपहर करीब तीन बजे घर के बाहर खेल रही थी। बच्ची का रिश्ते का मामला मनोज जाटव निवासी नगला मुगरिया, जो कि गांव के स्कूल में राजमिस्त्री का काम कर रहा था। वह बच्ची को घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया था। बच्ची देर रात तक अपने घर नहीं लौटी। परिजनों ने तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। अगले दिन सुबह करीब नौ बजे ग्रामीणों ने बच्ची का शव गांव के बाहर स्थित प्राथमिक विद्यालय के पीछे बबूल की झाड़ियों में पड़ा देखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता लगा कि बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई थी। उसके नाजुक अंग से खून निकल रहा था। पिता ने गांव मुगरिया निवासी मनोज जाटव के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य छिपाने सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल एडीजे विशेष पॉक्सो चेतना चौहान की कोर्ट में चला। कोर्ट में अभियोजन की ओर से शैलेंद्री राजपूत ने साक्ष्य व गवाहों को पेश किया। इनके आधार पर कोर्ट ने मनोज को मंगलवार को दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को दोषी को आजीवन कारावास और 85 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।