मैनपुरी। एक साल पहले प्रधान डाकघर में हुए गबन की जांच पूरी हो गई है। यहां डाक सहायक ने कुल 94 लाख रुपये का गबन किया था। जांच पूरी होने के बाद अब पीएमजी कार्यालय आगरा को रिपोर्ट भेजने की तैयारी है। इसके साथ ही डाक सहायक के खिलाफ चल रही विभागीय जांच को भी जल्द पूरा करने पर जोर है। खाताधारकों को भी अब जल्द उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद जगी है।
प्रधान डाकघर मैनपुरी के खाताधारकों के खातों से लाखों रुपये की धनराशि का गबन कर लिया गया था। मामला खुलने के बाद प्राथमिक जांच में डाक सहायक जीवन शाक्य को दोषी पाया गया था। इसके बाद उन्हें निलंबित कर मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। कमेटी का अध्यक्ष सहायक डाक अधीक्षक मैनपुरी मंडल लक्ष्मण कुमार सिंह को बनाया गया था। लगातार खाताधारकों के बयान और अन्य जानकारी जांच टीम ने जुटाईं। इसमें लंबा समय लग गया। जुलाई 2023 से अगस्त 2024 में आकर ये जांच अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है।
जांच में कुल 94 लाख रुपये का गबन 28 खातों से होने की बात सामने आई है। जांच के बाद अब ये रिपोर्ट पीएमजी कार्यालय आगरा को भेजी जाएगी। गबन बड़ा है, ऐसे में भुगतान भी खाताधारकों को भुगतान भी पीएमजी कार्यालय से ही होना है।
जांच अधूरी होने के चलते खाताधारकों को उनकी मेहनत की कमाई वापस नहीं मिल पा रही थी। लेकिन अब उन्हें भी एक बार फिर उम्मीद की किरन नजर आ रही है।
वहीं दूसरी तरफ निलंबित डाक सहायक जीवन शाक्य के खिलाफ विभागीय जांच भी तेज हो गई है। आरोप पत्र जारी करने के बाद भी जवाब न देने पर अब विभाग एक पक्षीय रूप से कार्रवाई करने की तैयारी में है।
भुगतान के लिए 10 मामले पीएमजी कार्यालय भेजे
डाक अधीक्षक आरएस शर्मा ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं ने अपनी मूल पासबुक जांच के दौरान जमा कर दी थी, उनके भुगतान की कार्रवाई कर दी गई है। ऐसे 10 खाताधारकों को भुगतान के लिए अभिलेख पीएमजी कार्यालय भेजे गए हैं। इन खाताधारकों का लगभग 50 से 60 लाख रुपया गबन किया गया था। जल्द ही इन खाताधारकों का भुगतान शुरू हो जाएगा।
मुख्य आरोपी डाक सहायक का नहीं कोई सुराग
प्रधान डाकघर में गबन का मुख्य आरोपी जीवन शाक्य का एक साल बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका। आज तक न तो विभाग की ओर से भेजे गए पत्र उसे प्राप्त हुए और न ही उसने किसी पत्र का जवाब दिया। इसके अलावा शहर कोतवाली में दर्ज डाक विभाग की एफआईआर और खाताधारकों की एफआईआर में भी पुलिस विवेचना ही कर ही है। अब तक पुलिस भी जीवन शाक्य का न तो पता लगा सकी और न ही गिरफ्तार कर सकी। हाल ही जीवन शाक्य द्वारा उच्च न्यायालय में एक खाताधारक ओमसरन की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर निरस्त कराने के लिए याचिका दायर की थी। लेकिन उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी थी।
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वर्जन
प्रधान डाकघर में गबन की जांच पूर्ण हो चुकी है। इसमें 28 खातों से कुल 94 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। जांच रिपोर्ट जल्द ही पीएमजी कार्यालय को भेजी जाएगी। 10 खाताधारकों को भुगतान के लिए उनके अभिलेख भी पीएमजी कार्यालय भेजे जा चुके हैं।
-आरएस शर्मा, डाक अधीक्षक मैनपुरी मंडल।