मैनपुरी में किशनी क्षेत्र के गांव कत्तरा निवासी एक पिता बच्चों का इलाज कराते-कराते आर्थिक संकट से जूझ रहा है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी बच्चे ठीक नहीं हुए हैं। लाचार पिता ने इलाज में मदद के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से चिट्ठी लिखी है। उसने कहा है कि अगर इस बार मदद नहीं मिली तो वो जिलाधिकारी कार्यालय के सामने परिवार सहित आत्मदाह कर लेगा।
कत्तरा निवासी शिववीर सिंह के तीन बच्चे करिश्मा (8), दिव्यांशु (6) और राधा (2) हैं। पिछले दो वर्षों से करिश्मा और दिव्यांशु थैलेसीमिया से पीड़ित हैं। हर महीने दोनों बच्चों के शरीर का खून बदला जाता है, जिसका 10 हजार रुपये खर्चा आता है।
शिववीर बच्चों का सैफई और दिल्ली तक इलाज करवा चुके हैं, लेकिन डॉक्टरों ने स्थाई इलाज के लिए ऑपरेशन बताया है। इसमें एक बच्चे का खर्चा 22 लाख रुपये आएगा। जो उनके पास नहीं है। बीमारी ने उनके तीसरे बच्चे राधा को भी चपेट में ले लिया है। उसमें भी थैलेसीमिया के लक्षण डॉक्टरों ने बताए हैं।
भीख मांगने का लिया फैसला
पीड़ित द्वारा लिखा पत्र
- फोटो : अमर उजाला
परेशान होकर शिववीर व उनकी पत्नी प्रियंका ने बच्चों के इलाज के लिए घर-घर भीख मांगने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि हर जगह आश्वासन मिलने से वो लोग निराश हो चुके हैं। शिववीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है।
शिववीर ने बताया कि अब वो बच्चों का इलाज कराते हुए थक चुके हैं। कहीं से सहायता न मिलने पर वो बच्चों को अपने सामने मरता हुआ नहीं देख पाएंगे। अब अंतिम बार जिलाधिकारी से मिलकर इलाज में सहायता मांगेंगे। सहायता न मिलने पर बच्चों के साथ पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह कर लेंगे।
बिक चुका है चार बीघा खेत
पीड़ित पिता शिववीर के पास पैतृक पांच बीघा जमीन है, जिसमें से चार बीघा जमीन वो 11 लाख में बेचकर बच्चों का इलाज करा चुके हैं। एक बीघा शेष जमीन भी साहूकार के पास गिरवी रखी है।
मुख्यमंत्री से भी नहीं मिली मदद
शिववीर बच्चों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, जिलाधिकारी से गुहार लगा चुके हैं, पर हर जगह सिर्फ आश्वासन ही मिला है। ब्लॉक प्रमुख मीरा यादव और चेयरमैन अनिल मिश्रा, भाजपा नेता ओमजी दुबे ने मदद की है।