जिले में फर्जी अभिलेख से नौकरी पाने वाले शिक्षकों के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिकायत के बाद हुई जांच में जिले में दो और फर्जी शिक्षकों का मामला संज्ञान में आया है। इंटरमीडिएट का अंकपत्र कूटरचित पाए जाने पर शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है। दूसरे मामले में शिक्षका के अभिलेखों का सत्यापन कराया गया है।
प्राचार्य डायट नरेंद्र पाल सिंह, बीएसए कमल सिंह, प्रधानाचार्य राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मैनपुरी सुमन यादव, प्रवक्ता जीआईसी सुरेश कुमार और प्रवक्ता जीजीआईसी सुनीता देवी ने बृहस्पतिवार को जांच के बाद शिक्षक अजय कुमार के इंटरमीडिएट का अंकपत्र कूट रचित पाया। जिसके बाद शिक्षक की बर्खास्तगी का निर्णय लिया। समिति के निर्णय पर शुक्रवार को बीएसए कमल सिंह ने अजय कुमार को शिक्षक पद से बर्खास्त कर दिया।
वहीं किशनी के प्राथमिक विद्यालय नगला अहिर पर तैनात एक शिक्षिका के फर्जी अभिलेखों का मामला संज्ञान में आया है। जांच समिति ने पाया कि शिक्षिका ने दो अलग-अलग वर्ष में अलग-अलग स्कूलों से हाईस्कूल की परीक्षा पास की है। बीए के साथ ही बीएससी भी एक ही सत्र में अलग-अलग स्कूलों से संस्थागत की है। समिति ने निर्णय दिया है कि शिक्षिका के अभिलेखों की बोर्ड से जांच कराई जाए। अगली बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।
पूर्व बीएसए रामकरन यादव ने वर्ष 2017 में जिले में तैनात सभी शिक्षकों की जांच कराई थी। जांच में 31 शिक्षक फर्जी पाए गए थे। सभी को बर्खास्त करते हुए थाना कोतवाली में मामला दर्ज कराया था।
-धर्मेंद्र सिंह भिडरवार, प्राथमिक विद्यालय गुन्हैया, करहल
-धीरेंद्र सिंह, प्राथमिक विद्यालय तरिहा, किशनी
-दीप्ति, अनुदेशिका, उच्च प्राथमिक विद्यालय जमौरा, बेवर
-दीप्ति, शिक्षिका, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, करहल
-विमलेश कुमारी, प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय घुराई, घिरोर
-अनूप सिंह, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मधुकरपुर, कुरावली
-सुधा राठौर, स्नातक के अभिलेख फर्जी
बीएसए कमल सिंह ने बताया कि शिक्षक अजय कुमार को कूटरचित इंटरमीडिएट के अंक के सहारे नौकरी करने का दोषी मानते हुए बर्खास्त किया जा रहा है। वहीं शिक्षिका की जांच जारी है। बोर्ड से शिक्षिका के अभिलेखों की जांच कराई गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।