आज देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मना रहा है। इस खास मौके पर मथुरा के अतीत में झांके तो यहां गांधी जी ने पुलिस बैरक में एक रात बिताई थी। इसके साथ आजादी की मशाल को तेज करने भी वो दो बार धार्मिक नगरी मथुरा आए थे।
1919 में आतंकवादी अपराध अधिनियम (काला कानून) के खिलाफ महात्मा गांधी के आह्वान पर देशभर में हुई हड़ताल के दौरान पुलिस ने पंजाब में सत्यागृहियों पर फायरिंग की थी। इसी के विरोध के लिए गांधी जी मुंबई (तत्कालीन बांबे), दिल्ली और अमृतसर की रेल यात्रा करने निकले थे।
इसी दौरान उन्हें मथुरा से आगे पलवल स्टेशन पर अंग्रेजी सरकार की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वहां से फिर उन्हें ट्रेन से मथुरा लाया गया। रात हो जाने पर मथुरा में गांधी जी को पुलिस बैरक में रखा गया।