कैलाश महादेव मंदिर के महंत गौरव गिरि ने बताया कि कैलाश से शिवलिंग लाने की वजह से यह कैलाश महादेव के नाम से जाने जाते हैं। एक ही शिवालय में दो शिवलिंग होने से इस मंदिर की मान्यता ज्यादा है।
मन को मिलती है शांति
श्रृद्धालु मदन मोहन शर्मा ने कहा कि यमुना के तट पर बने इस मंदिर में शिव के दर्शन करने के बाद मन को शांति मिलती है। भगवान भोलेनाथ भक्तों की सारी मनोकामना पूरी करते हैं।
पूर्वजों से सुनी महिमा
श्रृद्धालु चंद्रकांत गोस्वामी ने कहा कि बचपन से इस मंदिर की महिमा को अपने पूर्वजों से सुनते आ रहे हैं। यहां आसपास के अलावा दूर दराज से भी शिवभक्त पूजा अर्चना के लिए आते हैं।
ऐसे पहुंचे मंदिर
सिकंदरा चौराहा से एक किलोमीटर दूर बाय हाथ पर बने मोड़ के रास्ते कैलाश गांव पहुंचे। गांव में एक किलोमीटर के बाद भव्य मंदिर बना हुआ है।